Showing posts with label ज्योतिष. Show all posts
Showing posts with label ज्योतिष. Show all posts

Saturday, July 29, 2017

आप साहसी है या नहीं? Are you brave or not?

                                            आप साहसी है या नहीं? Are you brave or not? 

Astrologer Housi lal chourey:
ग्रह-तारे: click the blog. 09893234239, 08319942286,08861209966:housi.chourey@gmail.com:
http://hchourey.blogspot.in/ :
फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं
https://www.facebook.com/ShreeSiddhiV...
You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Chourey https://www.youtube.com/channel/UChJU...
निवेदन :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .धन्यवाद।
कुंडली में यह जानने के लिए क्या आप  साहसी है या नहीं इसके लिए  कुंडली में तीसरे भाव को देखना है ।उसका कारक मंगल को देखना है तथा सूर्य को देखना है अगर यह तीनों  बलवान होंगे कुंडली म,तो आप साहसी प्रकृति के होंगे ।धन्यवाद।

आप जानिए अपना क्रिएटिव इंटेलिजेंस? Creative Intelligence:

आप जानिए अपना क्रिएटिव इंटेलिजेंस? Creative Intelligence: 


 Astrologer Housi lal chourey:
ग्रह-तारे: click the blog. 09893234239, 08319942286,08861209966:housi.chourey@gmail.com:
http://hchourey.blogspot.in/ :
फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं

निवेदन  :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .
धन्यवाद।
 You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Chourey https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ
निवेदन  :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .धन्यवाद।
क्रिएटिव इंटेलिजेंस जानने के लिए कुंडली में पांचवा भाव ,दूसरा भाव, गुरु और सूर्य की जितनी अच्छी पोजीशन होगी अर्थात पांचवा भाव बलवान होना चाहिए ,दूसरा भाव बलवान होना चाहिए ,गुरु केंद्र त्रिकोण होना चाहिए ,सूर्य भी केंद्र त्रिकोण होना चाहिए, उच्च राशि मैं हो,मित्र राशि मैं  हो तो जातक को क्रिएटिव इंटेलिजेंस अच्छी रहती है। धन्यवाद।

Wednesday, July 12, 2017

ज्योतिषी सलाह :कुंडली का छठा भाव का विचार :Astrologer Advice: sixth house of the horoscope

 ज्योतिषी सलाह :कुंडली का छठा भाव का विचार :Astrologer Advice: sixth house of the horoscope

Astrologer Housi lal chourey:
ग्रह-तारे: click the blog. 09893234239, 08319942286,08861209966:housi.chourey@gmail.com:
http://hchourey.blogspot.in/ :
कुंडली विश्लेषण में आज हम छठे भाव की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं छठे भाव का आजीविका से बहुत अच्छा संबंध है इसमें इसमें बैठे हुए ग्रह जातक को विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी का आकलन करते हैं ।इस भाव से सभी ऐसे कार्य जो मेहनत से होते हैं जैसे कर्मचारी, सेवक आदि। इस भाव में शुभ ग्रह हो तो व्यक्ति सेवा कार्य में अपना योगदान देता है इस बाहों में अगर यह जातक दिन लेता है और इस इस भाव पर ग्रहों का प्रभाव होगा तो क्या तकरीर रोगग्रस्त रहता है इस भाव में अशुभ ग्रहों की स्थिति आजीविका में बाधाएं उत्पन्न करता है इस भाव में चंद्र शुक्र होने पर जातक अस्पताल या होटल के क्षेत्र में काम करता है. इस भाव में सूर्य राहु अशुभ ग्रहों का चिकित्सक बनने के योग प्रदान करता है. छठे भाव में मंगल का संबंध हो तो वह सेना या पुलिस के क्षेत्र में काम करता है और शनि का संबंध होने पर जातक न्याय के क्षेत्र में कार्य करता है .इस भाव में मंगल शनि राहु व केतु आजीविका के क्षेत्र में परेशानियां देते हैं ज्यादा जानकारी के लिए आप वीडियो देखिए धन्यवाद।

क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं 

ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-: फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं
निवेदन  :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .
धन्यवाद।
 You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Choureyhttps://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ
  Astrology, Numerology, Palmistry & Vastu Consultant : Mob No.0731 2591308/ 09893234239 /  /jio 08319942286 (08:00 AM- 10:00 PM के बीच) . ,
 मुझे ईमेल करें ; ID : housi.chourey@gmail.com  .
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------
 https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQA

Tuesday, July 4, 2017

ज्योतिषी सलाह : अष्टम भाव के बारे में:Astrologer Advice: About the eighth house:

ज्योतिषी सलाह : अष्टम भाव के बारे में:Astrologer Advice: About the eighth house:
आज हम चर्चा कर रहे हैं अष्टम भाव के बारे में ,कुंडली में अष्टम भाव हमें क्या-क्या जानकारी दे सकता है, अष्टम भाव से हम हमें अचानक धन प्राप्ति की जानकारी होती है ।
अष्टम भाव से हमें विदेश में जाकर नौकरी का पता लगता है । 
अष्टम भाव से हमारी आयु का निर्णय होता है ,हमें मृत्यु के कारण की भी जानकारी मिलती है।
 अष्टम भाव का संबंध लग्न और पंचम भाव से होता है तो जातक गूढ़ विद्याओं का ज्ञाता होता है ।
पंचम भाव, अष्टम भाव ,पंचमेश ,अष्टमेश का आपसी संबंध बनता है तो जातक को आकस्मिक धन प्राप्ति होती है ,ऐसे योग में जातक को शेयर मार्केट, सट्टेबाजी ,लॉटरी आदि से भी धन प्राप्त होता है ।
जातक दूर देश में प्रवास कर सकता है और वहां पर रह भी सकता है ,अगर अष्टम भाव के स्वामी बारहवें भाव का स्वामी  के साथ, पंचम भाव में संबंध बनाता तब यह योग बनता है। 
अष्टम भाव से विपरीत राजयोग भी बनता है ,अर्थात अष्टम भाव का स्वामी ,छठे भाव ,अष्टम भाव ,बारहवें मैं होता है तब विपरीत राजयोग बनाता है, इस राजयोग में उसे उन्नति प्राप्त होती है ।
 जब अष्टम भाव का संबंध नवम भाव से बनता है तब जातक ,दार्शनिक ,संत, सन्यासी हो सकता है ।
अष्टम भाव तथा अष्टम भाव के स्वामी का संबंध जब दशम भाव से होता है तो जातक जल्दी धन कमाने के चक्कर में गलत प्रकार का काम करता है जिससे वह जल्दी सफलता प्राप्त करता है ।
अष्टम भाव का तथा अष्टम भाव के स्वामी, का संबंध लाभ भाव से होता है तो उसे आकस्मिक धन लाभ होता है। पूर्वजों की संपत्ति हमें प्राप्त होगी या नहीं यह भी यही भाव से देखा जाता है ।
पत्नी की कुंडली में अष्टम भाव उसके पति की आयु को दर्शाता है तथा  पति की कुंडली में अष्टम भाव पत्नी का धन  स्थान दिखाता है ।
इस प्रकार हम जातक की कुंडली में अष्टम भाव से आयुष्य का निर्णय मृत्यु का स्वरूप तथा विपरीत राजयोग आदि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार से जातक की उन्नति में अष्टम भाव का महत्व है .धन्यवाद
   क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं 
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-: फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं

निवेदन  :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .
धन्यवाद।
 You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Choureyhttps://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ
  Astrology, Numerology, Palmistry & Vastu Consultant : Mob No.0731 2591308/ 09893234239 / 08861209966 /jio 08319942286 (08:00 AM- 10:00 PM के बीच) . ,
 मुझे ईमेल करें ; ID : housi.chourey@gmail.com  .
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------
 https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ

Tuesday, June 27, 2017

ज्योतिषी सलाह: कुंडली , भाग्यशाली है या नहीं: Astrologer Advice: For Good Luck:

ज्योतिषी सलाह: कुंडली , भाग्यशाली है या नहीं: Astrologer Advice: For Good Luck: 

Astrologer Housi lal chourey: :http:hchourey.blogspot.in:09893234339:08319942286:housi.chourey@gmail.com:
कुंडली विश्लेषण में आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि हमारी कुंडली भाग्यशाली है या नहीं ।इसके लिए आप मेरा ऊपर बनाया हुआ वीडियो जरुर देखिए। धन्यवाद

क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं 
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:

फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें एवं पेज पर लाइक बटन दबाएं
निवेदन  :- अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगे तो कृपया शेयर करें और अपने मित्रों को भी लाइक करने के लिए कहै .
धन्यवाद।
 You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Choureyhttps://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ
  Astrology, Numerology, Palmistry & Vastu Consultant : Mob No.0731 2591308/ 09893234239 / 08861209966 /jio 08319942286 (08:00 AM- 10:00 PM के बीच) . ,
 मुझे ईमेल करें ; ID : housi.chourey@gmail.com  .
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------
 https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ

Friday, February 27, 2015

ज्योतिष : अचानक धन-संपत्ति प्राप्ति के योग :लॉटरी :गुप्त धन :पैतृक संपत्ति :खजाना :Astrology: Sudden wealth gain: Lottery: Secret Money: Paternal property: Treasury

 ज्योतिष का ज्ञान रखने पर हम यह जान सकते है  की  अचानक धन-संपत्ति प्राप्ति (लॉटरी  :गुप्त धन :पैतृक संपत्ति :खजाना )के योग के लिए कुंडली  में  कई  सूत्र दिए हैं।
अचानक धन-संपत्ति प्राप्ति के सूत्र formula योग  :  
भाव :
प्रथम भाव  ।
द्वितीय धन भाव।
एकादश लाभ भाव।

पंचम प्रारब्ध एवं लक्ष्मी भाव।
अष्टम गुप्तधन भाव.
नवम भाग्य भाव।
तथा इन भावो की   स्वामी  ग्रहों को देखा जाता हैं । 
 स्वामी  ग्रहों बलाबल भी देखे ।
दशा-अंतरदशा :इन भावो के स्वामी की   अपनी दशा और अंतर्दशा में  जातक को अचानक धन-संपत्ति प्राप्ति के योग बनते  है।
 इनके स्वामी युति, दृष्टि या परिवर्तन योग से यदि शुभ संबंध बनाते हैं, अकस्मात धन मिलता है।   
द्वितीय धन भाव ,अष्टम भाव में तथा अष्टम भाव का स्वामी  द्वितीय भाव में हो तो अकस्मात धन मिलता है।
प्रथम भाव  का स्वामी धनभाव में तथा द्वितीय भाव का स्वामी  प्रथम भाव भाव में  हो तो  अचानक धन देता है।  
लॉटरी :द्वितीयभाव एवं पंचमभाव स्थान या इनके स्वामी युति, दृष्टि या परिवर्तन योग से  लॉटरी खुलती है।      
कुंडली में धनभाव, पंचम भाव, एकादश भाव, नवम भाव का किसी भी प्रकार  इनके स्वामी से युति, दृष्टि या परिवर्तन योग से  अकस्मात धन मिलता है।
राहु-केतु :पंचम, नवम या एकादश भाव में राहु-केतु होते हैं, तो लॉटरी से  अकस्मात धन मिलता है। 
गुप्त धन: अष्टम भाव मे द्वितीय भाव का स्वामी  हो तो  जमीन में दबा हुआ, गुप्त धन मिलता  है या वसीयत द्वारा धन की प्राप्ती  होती है। 
पैतृक संपत्ति:  लग्नेश-धनेश के संबंध से या इनके स्वामी युति, दृष्टि या परिवर्तन योग से    पैतृक संपत्ति प्राप्त होती है।
माता से संपत्ति :माता से संपत्ति लग्नेश-चतुर्थेश के संबंध से या इनके स्वामी युति, दृष्टि या परिवर्तन योग से   संपत्ति प्राप्त होती है।
खजाना  :प्रथम भाव का स्वामी  शुभग्रह होकर यदि द्वितीय भाव में हो, तो खजाना प्राप्त हो सकता है।
नोट :अपनी  कुंडली अच्छे ज्योतिषी को  दिखाकर  इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते है ।
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:   
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें :
  Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra 
ज्योतिष सरलीकृत वीडियो :Astrology Simplified videos on you tube:
You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Chourey
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------

https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ

Thursday, February 26, 2015

ज्योतिष :ग्रह और सामाजिक रिश्ते :ग्रहों से रिश्ते ठीक करे :ग्रहों की वस्तुओं का दान :Astrology: Planets and social relationships: how to fix a relationship with planets:


 ज्योतिष के अनुसार जन्म पत्रिका के बाहर भावों में ग्रह और सामाजिक रिश्ते  अलग-अलग भाव से होते है।व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों  ग्रह स्वामी ,ग्रहों के आपसी संबंध, ग्रहों की दृष्टि,  आदि का प्रभाव व्यक्ति के संबंधों   पर पड़ता है। जो की  परिवारजनों के संबंधों को अनुकूल बनाता है।

ग्रह और संबंध :ग्रह अनुकूल होने पर ग्रहों के अनुसार संबंध ठीक रहते हैं।
सूर्य –  आप पुत्र-पुत्री या प्रेमिका से मधुर संबंध प्राप्त कर सकते हैं।
चंद्र –  मां व ससुर से अच्छे संबंध प्राप्त बना सकते हैं।
मंगल – ताऊ व ससुराल से अच्छे संबंधों के लिए। 
बुध -  आप भाई-बहन, मामा-मामी, शत्रु से अच्छे संबंध प्राप्त कर सकते हैं।
गुरु – भाई, जीजा, साली, पिता, चाचा, चाची से अच्छे संबंधों के लिए।
शुक्र – ताई, पत्नी, पति, प्रेमिका से अच्छे संबंधों के लिए।

शनि – पिता, सास, गुरु, मित्र, दामाद, पुत्रवधू व सेवक से अच्छे संबंध प्राप्त कर सकते हैं।
राहु – दादा से अच्छे संबंधों के लिए। 
केतु – नाना से अच्छे संबंधों के लिए धारण करें। 
 ग्रहों की वस्तुओं का दान करने  से ग्रह अनुकूल होने लगते  हैं और  संबंध ठीक होने  मे सहायता मिलती हैं।

सूर्य : सूर्य को जल देवे . पिता की सेवा करना चाहिए  ।  गेहूँ ,तांबे , बर्तन का दान करें।
चंद्र : मंदिर में  कच्चा दूध और चावल दान करे। माता की सेवा करना चाहिए  ।.  चावल, दुध ,चान्दी का दान करना चाहिए  ।
मंगल : मंगलवार को बंदरो को गुड और चने खिलाना चाहिए  ।  
भाई बहन की सेवा करना चाहिए  । 
साबुत, मसूर की दाल का  दान, करना चाहिए  ।
बंदर को चना खिलाना चाहिए।
बुध : ताँबे  का दान करना चाहिए ।
साबुत मूंग का दान करना चाहिए  ।
माँ दुर्गा की आराधना करनी चाहिए  ।  
मिट्ठू की सेवा करना चाहिए । 
बकरी को पत्तियाँ काखिलाना चाहिए।
बृहस्पति : केसर का तिलक लगाना चाहिए  ।  
केसर खाएँ और नाभि , जीभ पर लगाना चाहिए  ।
चने की दाल का पिली वस्तु का दान चाहिए ।
विद्वान व्यक्ति को शिक्षा सामग्री का दान चाहिए।
शुक्र : गाय की सेवा करना चाहिए ।
घर ,शरीर को साफ-सुथरा रखना चाहिए ।  
गाय को हरी घास खिलाना चाहिए। 
दही, घी, कपूर का दान करना चाहिए ।
बहन-बेटियों की मदद करना चाहिए। 
शनि : शनिवार के दिन पीपल पर तेल का दिया जलाना चाहिए ।  
बर्तन में तेल लेकर उसमे अपना छाया दखें और बर्तन तेल के साथ दान करना चाहिए ।
काले साबुत उड़द और लोहे की वस्तु का दान करना चाहिए। 
काले कीड़े जहाँ रहते हों वहा पर  भुना हुआ आटा डालना चाहिए।
राहु : जौ ,मूली ,काली सरसों का दान करना चाहिए ।  
कोढ़ी  गूँ,गे-बहरे लोगों को  दान करना  चाहीए।
केतु :   काला सफ़ेद कम्बल कोढियों को दान करना चाहिए ।    
कौओं को रोटी खिलाएं. काला तिल का दान करे।  
लंगड़े, अपंग व्यक्ति को दान करना चाहिए ।
नोट :अपनी  कुंडली अच्छे ज्योतिषी को  दिखाकर  इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते है ।
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:   लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें :
  Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra 
ज्योतिष सरलीकृत वीडियो :Astrology Simplified videos on you tube:
You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Chourey
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------
https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ

Thursday, February 12, 2015

ज्योतिष :सुदर्शन कुंडली : सुदर्शन चक्र :Astrology: Sudarshan Horoscope: Sudarshan kundali:


कुंडली का विवेचन और सुदर्शन कुंडली।
कुंडली का विवेचन करने के लिए : लग्न कुण्डली, चंद्र कुण्डली व सूर्य कुण्डली। इन तीनों को जब एक साथ मिलाकर देखा जाता है तो सुदर्शन चक्र  होता है।
लग्न  :लग्न ,चन्द्र लग्न ,सूर्य लग्न ,इन तीनो लग्नो का  विवेचन करना चाहिए।
इन तीनो लग्नो  से सुदर्शन चक्र का बनता है।
लग्न: शरीर ,लक्षण, स्वभाव ,स्वास्थ्य का प्रभाव। 
चन्द्र लग्न :मन  का प्रभाव । 
सूर्य लग्न:आत्मा ऊर्जा का प्रभाव ।
इन तीनो लग्नो का बल देख कर  विवेचन करना चाहिए।यह जानकारी सुदर्शन कुंडली   से प्राप्त होती  है। 
फलादेश  :कुंडली का विवेचन  करते समय दशा विचाऱ के समय तीन लग्नो को आधार मानकर फलादेश करना चाहिए ।
विद्वान एवं जानकार ज्योतिषी से परामर्श लेना  चाहिए। 
     ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए----लिंक को क्लिक  करें : 

ज्योतिष : सिग्निफिकैटर :कुण्डली से से कैसे जाने कि गोद जायगे या नहीं ? :Astrology: You will be Adopted or not ?

कुण्डली से  से कैसे जाने  कि गोद (adopt )जायगे या नहीं ?
कुंण्डली  मे नीचे  बताये गये योगोे को  देख्नना होगा।
राशि: कर्क ,सिंह पर पाप ग्रहों का प्रभाव। 

ग्रह:चंद्रमा ,सूर्य ग्रह पर पाप ग्रहों का प्रभाव। 
भाव :चतुर्थ ,दशम भाव में पाप ग्रहों का प्रभाव।  
चर या द्विस्वभाव राशि :नवम भाव ,नवमेश का चर ,द्विस्वभाव राशि मे होना और पाप ग्रहों का प्रभाव होना । 
विद्वान एवं जानकार ज्योतिषी से परामर्श लेना  चाहिए।
   ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए----लिंक को क्लिक  करें : 

Thursday, January 29, 2015

ज्योतिष :सलाह :टिप :नाम, शोहरत, धन और समृद्धि के लिये :Astrology :Advice :Tips:name, fame, money and prosperity


धन के हाउस 1, 2, 5, 9 , 10 और 11 हाउस  और उनके लॉर्ड्स,
हानि के हाउस 8 और 12 या उनके लॉर्ड्स से प्रभावित हैं ,तो आपके नाम, शोहरत, धन और समृद्धि का नुकसान होना संभव है  ,तब  यह निष्कर्ष भी निकाल सकते हैं की जब 8 हाउस ,12 हाउस या उनके लॉर्ड्स की दशा मे नाम, शोहरत, धन और समृद्धि (व्यापार) मे नुकसान होता है  . हमे  जब  मालूम है   की इन हाउस की दशा चल रही तब इस  अवधि के दौरान नई योजनाओं के लिए निर्णय लेने से बचना चाहीए   .  
  ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:लिंक को क्लिक  करें 
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:   
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें :
  Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra 
ज्योतिष सरलीकृत वीडियो :Astrology Simplified videos on you tube:
You Tube :click link:Astrology Simplified By Housi Lal Chourey:Contact:  08861209966
लिंक को क्लिक  करके  लाइक करें,------

https://www.youtube.com/channel/UChJUKgqHqQQfOeYWgIhMZMQ

Saturday, January 17, 2015

ज्योतिष :वाणी दोष कैसे बनता है ? :उपाय:वाणी दोष निवारण के लिए: Upay :

कुंडली  मे वाणी दोष कैसे बनता है ?
कुंडली मे हमे यह देखना होता है। 
  • भाव:दूसरा भाव वाणी का होता  है।
  • बुध ग्रह :बुध ग्रह वाणी का कारक ग्रह कहलाता है। 
  • दूसरे भाव का स्वामी :दूसरे भाव का स्वामी ग्रह को  देखे ।
  •  चन्द्र लग्न।
दूसरा भाव वाणी , दूसरे भाव का स्वामी एवं कारक ग्रह बुध यदि पाप ग्रह (राहु/केतु शनि ,मंगल,केतु ,), दृष्ट या अशुभ भाव (६,८ १२ ) में स्थित हो तो वाणी दोष कहलाता है। 
 वाणी दोष निवारण के लिए:
बुध के उपाय:
हरा वस्त्र, हरी सब्जी, मूंग का दाल एवं हरे रंग के वस्तुओं का दान उत्तम कहा जाता है. विष्णु सहस्रनाम का जाप .
तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
हरी सब्जियाँ एवं हरा चारा गाय को खिलाना चाहिए।
गणेशजी को लड्डुओं का भोग लगाएँ तथा बच्चों को बाँटें। 
बुध यंत्र: कुंडली में बुध कमजोर होने के कारण स्मरण शक्ति कमजोर हो, वाणी दोष  :वाणी दोष हो,  बुध यंत्र लाॅकेट चांदी में शुद्धीकरण आदि करके हरे धागे में बुधवार को सुबह धारण करना चाहिए।
पाप ग्रह राहु ,केतु शनि ,मंगल, का उपाय  करना चाहिए ।
वास्तुशास्त्र  :खिड़की, दरवाजे और मुख्य रूप से मेन-गेट पर काला पेंट हो तो परिवार के सदस्यों के व्यवहार में अशिष्टता, गुस्सा, बदजुबानी आदि बढ़ जाते हैं। जन्मपत्रिका में वाणी दोष ( ग्रह शनि, राहु मंगल और केतु ) हों, तो  प्रभाव विशेष रूप से पता लगता है । मंगल व केतु का प्रभाव हो तो लाल पेंट कुतर्क, अधिक बहस, झगड़ालू और व्यंगात्मक भाषा इस्तेमाल होती है। ऐसे हालात में सफेद रंग का प्रयोग लाभदायक होता है।
   नोट -ज्योतिषि को अपनी कुंडली दिखाइए।
   ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए----लिंक को क्लिक  करें : 
      Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra

Thursday, January 15, 2015

ज्योतिष : जन्मकुंडल‍ी‍ न हो तो क्या करें :Astrology: What to do if not having janm patrika :

 जन्मकुंडल‍ी‍ न हो तो क्या करें :अगर आप अपने जन्म की दिनांक या समय आदि ठीक से नहीं मालूम हो तो  हमारा हाथ हमारी सहायता करता है।  कुंडली‍ में एक मुख्य ग्रह होता है. मुख्य ग्रह कमजोर होगा तो ज़िंदगी संघर्षों से भरी रहती है और यदि आप का मुख्य ग्रह मजबूत होगा तो वह विपरीत स्थितियों में भी रास्ता बना लेता है. कैसे पता करें अपना  मुख्य ग्रहउस ग्रह के अनुसार ही मनुष्‍य का जीवन प्रभावित होता है। मुख्य ग्रह का पता लगाकर मजबूत किया जाए तो जीवन की दिशा बदली जा सकती है। 
मुख्य ग्रह  को हस्त रेखा से जान सकते है।  अपने हाथ को गौर से देखें। पाँचों ऊँगलियों के  पर्वतो को देखे । तर्जनी से अँगूठे तक ये क्रमश: गुरु, शनि, सूर्य, बुध और शुक्र पर्वत होते  है । हाथ के बी‍च में : मंगल, राहु और केतु के पर्वत होते हैं। प्रत्येक पर्वत को दबा दबा कर देखें। जो पर्वत उभरा हुआ होता  है, और जिस पर कोई कटी-फटी रेखाएँ ,दाग-धब्बे-तिल आदि नहीं होते  है, तो  वह पर्वत आपका  मजबूत ग्रह होगा । अगर पर्वत  दबे हुए, कटी-फटी रेखाओं वाले हो तो   नीच ग्रह कहलायेगे। रेखाएँ  आड़ी या एक-दूसरे को काटने वाली रेखाएँ शुभ नहीं हो‍ती। उभरे पर्वतों को देखेंगे। इसमे सबसे मजबूत और साफ-सुथरा पर्वत चुनेंगे। यह आपका मुख्य ग्रहहोगा जिसको मजबूत करने से, आपको लाभ मिलेगा। अब दबे हुए पर्वतों को देखें। ये वो ग्रह है जो आपको परेशानी दे सकते हैं। 
 मुख्य ग्रह को अनुकूल करने   के लिये  उसका उपाय  करना चाहिए।
यदि मुख्य ग्रह सूर्य को प्रबल करना है तो निम्न उपाय करें। 
  • मुख्य ग्रह सूर्य:
यदि सूर्य मुख्य ग्रह होकर अच्छा फल देने में असमर्थ हो तो निम्न उपाय करने चाहिए।
घर की पूर्व दिशा वास्तुशास्त्र अनुसार ठीक करें।
भगवान विष्णु की आराधना करे ।
बंदर, गाय  को भोजन कराएं।
सूर्य को अर्घ्य देना।

ताम्र पत्र में शुद्ध जल ,लाल पुष्प ,लाल चन्दन या कुषा डालकर सूर्य को "ॐ घ्रिणी सूर्याय नमः" से अर्घ्य दें . 
लाल चन्दन या केशर का तिलक लगायें.
रविवार का व्रत रखना चाहिए ।
मुंह में मीठा डालकर ऊपर से पानी पीकर ही घर से निकलना चाहिए ।
पिता का सम्मान करना चाहिए । 

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए ।
गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए ।
तांबा, गेहूं एवं गुड़ का दान करना चाहिए ।
कार्य पर जाने के समय  मीठा खाकर कर जावे ।

ॐ घृणी सूर्याय नमः  जाप करें।
गाय का दान करना चाहिए.।
गाय को गेहुं और गुड़ मिलाकर खिलाना चाहिए .
गाय की सेवा करनी चाहिए ।
सुबह उठकर सूर्य देवता को अध्र्य देना चाहिए .
गुड़, सोना, तांबा और गेहूं
सूर्य से सम्बन्धित रत्न का दान .
रविवार के दिन व्रत करना चाहिए. 

किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को गुड़ का खीर खिलाने 
पिता एवं अन्य बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए।
प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करना  चाहिए
सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए।
रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए।
ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ में धारण किया जा सकता है।

किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य पर जाते समय घर से मीठी वस्तु खाकर निकलना चाहिए।
हाथ में मोली (कलावा) छः बार लपेटकर बाँधना चाहिए।
लाल चन्दन को घिसकर स्नान के जल में डालना चाहिए।
सूर्य रत्न माणिक रविवार के दिन शुक्ल पक्ष में ,दायें हाथ की अनामिका में धारण करें.
जड़ी बूट बेलपत्र की जड़,रविवार कोलाल धागे में दायें बाजू में बाँधें.
दान : गेहूं, लाल वस्त्र,लाल फल (अनार),लाल मिठाई (गुड़),सोना,गाय,तांबा, किसी ब्राह्मण को रविवार के दिन दान करें.
मंत्र ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः". सूर्य गायत्र ,ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात".
स्तोत्र,सूर्याष्टकम या आदित्यहृदय स्तोत्रं. 

पुराण,हरिवंश पुराण का पाठ. व्रत, 
कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व थोडा मीठा मुहँ में डाल कर पानी पी लें. 

  • मुख्य ग्रह मंगल  :
मुख्य ग्रह मंगल को अनुकूल करने के लिए निम्न उपाय करें। 
लाल रंग का बैल दान करना चाहिए. लाल रंग का वस्त्र, सोना, तांबा, मसूर दाल, बताशा, मीठी रोटी का दान देना चाहिए. मंगल से सम्बन्धित रत्न दान देने से भी पीड़ित मंगल के दुष्प्रभाव में कमी आती है.  मंगलवार के दिन व्रत करना चाहिए और ब्राह्मण अथवा किसी गरीब व्यक्ति को भर पेट भोजन कराना चाहिए. प्रतिदिन 10 से 15 मिनट ध्यान करना उत्तम रहता है.  धैर्य बनाये रखने का अभ्यास करना चाहिए एवं छोटे भाई बहनों का ख्याल रखना चाहिए.  लाल कपड़े में सौंफ बाँधकर अपने शयनकक्ष में रखनी चाहिए।
अपना घर बनवाये तो उसे घर में लाल पत्थर अवश्य लगवाना चाहिए।    बन्धुजनों को मिष्ठान्न का सेवन कराने से भी मंगल शुभ बनता है।
लाल वस्त्र ले कर उसमें दो मुठ्ठी मसूर की दाल बाँधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान करनी चाहिए।
मंगलवार के दिन हनुमानजी के चरण से सिन्दूर ले कर उसका टीका माथे पर लगाना चाहिए।
बंदरों को गुड़ और चने खिलाने चाहिए।
अपने घर में लाल पुष्प वाले पौधे या वृक्ष लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।

 मजदूरों को मंगलवार को मिठाई खिलाएं। लाल मसूर का दान करें। मंगलवार को सुंदर कांड का पाठ करें।
  • मुख्य ग्रह बुध :
यदि बुध मुख्य ग्रह होकर अच्छा फल देने में असमर्थ हो तो निम्न उपाय करने चाहिए। 
बुधवार के दिन शुभ मुहूर्त में बुध से संबंधित उपाय
बुधवार का उपवास करें|  
उबले हुए मूंग गरीब व्यक्ति को खिलाएं| 
गणेशजी की अभ्यर्थना दूर्वा से करें| 
हरे वस्त्र, मूंग की दाल का दान बुधवार। 
अपने वजन के बराबर हरी घांस गायों को खिलाएं| 
बहिन व बेटियों का  सम्मान करें|
गायों को  पालक खिलाने से रूका हुआ धन फिर से  प्राप्त होनी  लगता है।
 ऊँ बुं बुधाय नम: मंत्र का जप करें. 
बुधवार के दिन गणेश जी को बूंदी के लड्डू चढ़ायें. 
बुधवार को गाय को हरा चारा खिलायें. कांसे का कड़ा पहनें. 
ऊँ गं गणपतये नम: का जप करें.
किन्नरों को हरे वस्त्र और हरी चूड़ीयां  का  दान । 
मन्दिर में कांसे का बर्र्तन का  दान। 
गणेश मन्दिर में कांसे का दीपक लगाए और का  दान। 
10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को भोजन कराए। 
मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।
कच्ची मिट्टी की सौ गोलियां बनाकर एक गोली प्रतिदिन धर्म स्थल में पहुंचानी चाहिएं।
खांड से भरा मिट्टी का बर्तन भूमि में दबाना चाहिए। 

कान में स्वर्ण धारण करें।  
काला,सफेद कुत्ता पाले । 
शुध्द चांदी का छल्ला भी धारण करे  ।
गायत्री पाठ करें । 
हरे तोते पाले । 
अनिष्ट फल से छुटकारा  : 
चींटी, चिड़ियों, गिलहरियां, कबूतर, तोता, कौआ और अन्य पक्षियों के झुंड और गाय, कुत्तों को नियमित दाना-पानी देने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। 
अत: पशु-पक्षियों को दाना-पानी देने से ग्रहों के । 
मूंग की दाल से बुध ग्रह से होने वाली परेशानियों से निजात पाई जा सकती है।
तांबे का कड़ा हाथ में धारण करें।   
  • शुक्र मुख्य ग्रह :
यदि शुक्र मुख्य ग्रह होकर फलदायक न हो तो निम्न उपाय करने चाहिए। 
माँ लक्ष्मी की सेवा आराधना करे |
श्री सूक्त का पाठ करे |
खोये के मिस्ठान व मिश्री का भोग  |
ब्रह्मण ब्रह्मणि की सेवा करे | 

कन्या भोजन कराये | 
ज्वार दान करें। 
गरीब बच्चो व विद्यार्थिओं में अध्यन सामग्री |
नि:सहाय, निराश्रय के पालन-पोषण का जिम्मा ले ।
अन्न का दान करे |
ॐ सुं शुक्राय नमः का १०८ बार नित्य जाप  |

दान ,शुक्रवार का दिन, शुक्र के नक्षत्र (भरणी, पूर्वा-फाल्गुनी, पुर्वाषाढ़ा) तथा शुक्र की होरा में अधिक शुभ होते हैं। 
शुक्र ग्रह के देवता की आराधना और उनके जाप, दान उनकी होरा, उनके नक्षत्र में  करना  |
श्वेत रत्न, चाँदी, चावल, दूध, सफेद कपड़ा, घी, सफेद फूल, धूप, अगरबत्ती, इत्र, सफेद चंदन दान रंगीन वस्त्र, रेशमी कपड़े,  सुगंध, चीनी, खाद्य तेल, चंदन, कपूर का दानें।
सफेद वस्त्र का प्रयोग करें।
चांदी, चावल, दूध, दही, श्वेत चंदन, सफेद वस्त्र तथा सुगंधित पदार्थ किसी पुजारी की पत्नी को दान ।  

त्रिफला, दालचीनी, कमल गट्टे, मिश्री, मूली या सफेद शलजम का उपयोग आहार में करना । 
सफेद फूल, चंदन या कपूर की सुगंध शुभ । 
चंदन के तेल में कपूर डालकर उपयोग करना  ।
काली चींटियों को चीनी खिलानी चाहिए। 
किसी कन्या के विवाह में कन्यादान अवसर करना चाहिए।
किसी काने व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान ।  

शुक्रवार के दिन व्रत रखें. मिठाईयां एवं खीर कौओं और गरीबों को दें. ब्राह्मणों एवं गरीबों को घी भात खिलाएं.छोटी इलायची का सेवन ।
घर में तुलसी का पौधा लगाएं।
श्वेत चंदन का तिलक ।
पानी में चंदन मिलाकर स्नान ।
शुक्रवार के दिन गाय/गौशाला में हरा चारा ।
सुगंधित पदार्थ का इस्तेमाल ।

शुक्रवार का व्रत रखना चाहिए। 
खटाई नही  खाना चाहिए।
स्त्री का सम्मान करना चाहिए, पत्नी को खुश रखना चाहिए। 

पराई स्त्री से संबंध नही रखना चाहिए।
गृह कलह छोड़कर परिवार के सदस्यों के साथ प्यार से रहना चाहिए।
घर को वास्तु अनुसार ठीक करना चाहिए।
सफेद वस्त्र दान करना चाहिए।
भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौवे और कुत्ते को देना चाहिए।
स्वयं को और घर को साफ-सुथरा रखना चाहिए। 

हमेशा साफ कपड़े पहना चाहिए  । 
नित्य नहाना चाहिए। 
शरीर को गंदा नही  रखना चाहिए।
सुगंधित इत्र या सेंट का उपयोग करना चाहिए।
सुहागिनों के समय-समय पर सुहाग की वस्तुएं देना चाहिए।

मां लक्ष्मी की उपासनाकरें , खीर का दान करें।
सरपोंखा की जड़ को चमकीले धागे में बांधकर धारण करना । 
गूलर की समिधा को शुक्र शांति के यज्ञ में इस्‍तेमाल करना । 
स्फटिक की माला से क्क शुं शुक्राय नमः की एक माला का जप करें। शुक्रवार को चावल का दान करें। लक्ष्मी जी की उपासना करें।
  •  मुख्य ग्रह चंद्र :
 मुख्य ग्रह चंद्र को अनुकूल करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें। 
 प्रतिदिन माता का आशीर्वाद लेना।
शिव की भक्ति। सोमवार का व्रत।
दान :सोमवार को सफेद वस्तु जैसे दही, चीनी, चावल, सफेद वस्त्र,1 जोड़ा जनेऊ, दक्षिणा के साथ दान करना। 

शंख, वंशपात्र, सफेद चंदन, श्वेत पुष्प, ,बैल, दही ।
मोती धारण करे ।
'ॐ सोम सोमाय नमः' का 108 बार जाप करना ।

बुजुर्गो का आशीर्वाद लें ,माता की सेवा करे,  घर के बुजुगों ,साधु और ब्राह्मणों का  आशीर्वाद लेना । 
रात में सिराहने के नीचे पानी रखकर सुबह उसे पौधों में डालना ।  
उत्तरी पश्चिमी कोना चंद्रमा का होता है, यहां पौधे लगाए जाएं ।
जल से होने वाले पेट संबंधित रोग का होना .  
मातृप्रेम में कमी का होना।  
खिरनी की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर पूर्णमाशी को सायंकाल गले में धारण करना ।
देर रात्रि तक नहीं जागना चाहिए।  
चन्द्रमा की रोशनी  मैं सोना चाहिए।
घर में दूषित जल का संग्रह नहीं होना चाहिए।
वर्षा का पानी काँच की बोतल में भरकर रखे।
पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करना चाहिए।
सफेद सुगंधित पुष्प वाले पौधे घर में लगावे। 

खिरनी की जड़ को सफेद डोरे में बांधकर पहनने से लाभ होता है।  
हवन में पलाश की लकड़ी का समिधा की तरह उपयोग करना चाहिए।
’ऊं श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम:’’ का पाठ करे ।

माता, नानी, दादी, सास एवं इनके पद के समान वाली स्त्रियों को कष्ट नही देना चाहिए।
ऊँ सों सोमाय नमः मंत्र का जप करें। 
ऊँ नमः शिवाय का जप करें।  
चांदी का कड़ा या छल्ला पहनना चाहिए।   
चंदन का तिलक लगाना चाहिए। 
शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए ।
पलंग के नीचे चांदी के बर्तन में जल रखें या चांदी के आभूषण धारण करना चाहिए ।  
गन्ना, सफेद गुड़, शक्कर, दूध या दूध से बने पदार्थ या सफेद रंग की मिठाई का सेवन करना चाहिए । 
चमेली तथा रातरानी का परफ्यूम या इत्र का उपयोग करता चाहिए ।
क्क श्रां: श्रीं: श्रौं: सः चंद्रमसे नमः का जप करें। 
चांदी के गिलास में जल पिएं। 
शिव जी की उपासना करें।
  •  मुख्य ग्रह गुरु:
 मुख्य ग्रह गुरु को अनुकूल करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें।
केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर पीले धागे में गुरुवार को धारण करना चाहिए । 
यज्ञ में पीपल को समिधा के रूप में काम में लिया जाता है। 
‘’ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’’  पाठ करने से लाभ होता है।: 
ऊँ बृं बृहस्पते नमः मंत्र का जप करना । 
हल्दी की गांठ गले में पहनना  । 
गाय को बेसन के लड्डू खिलाना । 
ब्राह्मणों की सेवा करना ।  
अनुशासन, ईमानदार एवं कर्त्तव्यनिष्ठ होना ।  
ब्रह्माजी की पूजा करना । 
केले के वृक्ष की पूजा करना , पीपल की करना । 
पीली वस्तुओं (बूंदी के लडडू, पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल, पीले फल) का दान करना ।  
पुखराज सोने की अंगूठी में धारण करना। 
केले की जड़ या हल्दी की गांठ पीले वस्त्र में गले में धारण करे ।   

पीला वस्त्र धारण करना चाहिए।
बेसन की सब्जी, मिठाई, चना दाल, पपीता, आम, केला का सेवन करना चाहिए।
मंदिर के पुजारी या शिक्षक को पीला वस्त्र, धार्मिक पुस्तक या पीले खाद्य पदार्थ दान करना चाहिए।
गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ में बृहस्पति  मंत्र जपते हुए जल अर्पण करना चाहिए।
केसर या हल्दी का तिलक लगाना चाहिए।
घर में पीले पुष्प गमलों में लगाना चाहिए।
विष्णु की पूजा आराधना करना चाहिए।
शिक्षक, ब्राह्मण, साधु, विद्वान, पति, संतान का दिल नही  दु:खाना चाहिए।
बृहस्पतिवार के दिन फलाहार वृक्ष लगाएं और फलों का दान करें।
11.हल्दी की गांठ या केला-जड़ को पीले कपड़े में बांह पर बांधें।
 बेसन की सब्जी, मिठाई, चना दाल, पपीता, आम, केला का सेवन  करना चाहिए।

मकान का द्वार, खिड़की और रोशनदान सही दिशा में रखना चाहिए। 
नाक, कान और दांत हमेशा साफ-सुथरे रखना चाहिए ।
पीपल का वृक्ष लगाना चाहिए।

सच बोलने का कोशिश करें।
पीपल में जल चढ़ाना चाहिए। 
आचरण को शुद्ध रखना चाहिए। 
पिता, दादा और गुरु का आदर करना चाहिए। 
गुरु बनाना चाहिए। 
घर में धूप-दीप देना चाहिए।
केसर या चंदन का तिलक लगाएं चाहिए । 
सात्विक भोजन करना चाहिए। 
काले, कत्थई, लाल, मेहरून, हरे और भूरे रंग का उपयोग  करने से बचें। पीले, गुलाबी, नीले और सफेद रंग का इस्तेमाल   अधिक करें।
हर गुरुवार चने की दाल का दान करना चाहिए ।

विष्णु जी की आराधना करें। 
 गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें। 
  • मुख्य ग्रह शनि :
मुख्य ग्रह शनि को मजबूत करने के लिए निम्न उपाय करें। 
सूर्यास्त के बाद हनुमानजी की  पूजा  सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, इस तेल का दीपक एवं नीले रंग के फूल से करनी चाहिए। 
शनि यंत्र की स्थापना व पूजन करनी और सरसों के तेल का दीप जलाना चाहिए ।
शमी वृक्ष की जड़ को  काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें।
बंदरों और  कुत्तों को बूंदी के लड्डू खिलाना  चाहिए ।  
काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करना चाहिए।
शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।
मांस, मदिरा का सेवन न करें।
लाल चंदन की माला को अभिमंत्रित कर  पहनना चाहिए।
मंत्र का  जाप करना चाहिए:
वैदिक मंत्र- ऊं शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।
लघु मंत्र- ऊं ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।
भैरवजी की उपासना करें और काले तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए 
काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को  धारण करना चाहिए।
शनि ग्रह कि शांति :ग़रीब और वृद्ध को ,काला कपड़ा, साबुत उड़द, लोहा, यथा संभव दक्षिणा, तेल, काला पुष्प, काले तिल, चमड़ा, काला वस्त्र,  काला तिल, चमड़े का जूता, नमक, सरसों तेल, काले कंबल का दान करना चाहिए। 
लोहे के बर्तन में दही चावल और नमक मिलाकर भिखारियों और कौओं को देना चाहिए. रोटी पर नमक और सरसों तेल लगाकर कौआ को देना चाहिए.
हनुमान चालीसा का पाठ, महामृत्युंजय मंत्र का जाप एवं शनिस्तोत्रम का पाठ करना चाहिए। 
गरीब, वृद्ध एवं कर्मचारियो के प्रति अच्छा व्यवहार रखना , मोर पंख धारण करना। 
शनिवार के दिन पीपल वृक्ष की जड़ पर तिल्ली के तेल का दीपक जलाएँ और लोहे, चमड़े, लकड़ी की वस्तुएँ एवं किसी भी प्रकार का तेल नहीं खरीदना चाहिए।
बाल एवं दाढ़ी-मूँछ नही कटवाने चाहिए।
भिखारी को उड़द की दाल की कचोरी खिलानी चाहिए। 
दुःखी व्यक्ति के आँसू अपने हाथों से पोंछने चाहिए।
शनिवार का दिन, शनि के नक्षत्र (पुष्य, अनुराधा, उत्तरा-भाद्रपद) तथा शनि की होरा में दान करना चाहिए। 
गरीबों, वृद्धों एवं नौकरों के प्रति अपमान जनक व्यवहार नहीं करना चाहिए।  

आलस्य, , ढिलाई, सुस्ती, जिम्मेदारी से बचना दान॰उड़द, तिल, सभी तेल,लौह धातु, काला छाता,नीलम रत्न, काली गाय,काले वस्त्र, काले जूते,काली कम्बल, स्वर्ण,आदि का अनुदान !"शनि मन्त्र"ॐ ऐं ह्रीँ श्रीँ शनैश्चरायनम: ।जप संख्या 23000संध्याकाल !ॐ प्रां प्रीं प्रौँ स: शनये नम:ॐ शं शनैश्चराय नम: !
चांदी धारण करें।  घर को व्यस्थित रखें। मुस्कराकर स्वागत करें।  
साधू, संतों, विद्वानों के साथ बैठकर ज्ञान की चर्चा करें। 
बदजुबानी  पर लगाम  लगाएं। 
गरीबों की, असहायों की, गाय की सेवा करें। 
पति -पत्नी प्रेम से रहें। 
काले वस्त्रों तथा नीले वस्त्रों को यथा संभव न पहनें। 
शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे दिया जलाएं। 
शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। 
  • साथ मै  कुछ अन्य उपाय भी करना चाहिए :-
गाय, कुत्ते , पक्षियों को खाना दें   .घर में किसी वजह से कलह न होने दे ।
ताम्बे का कलश रखकर उस पर नारियल रखें।  घर में दीपक  जलाएं।
पितृ दोष हो तो उपाय करें।
तुलसी का पत्ता मुँह में रखें।
गायत्री मन्त्र का जाप करें।  
पिता की सेवा करें। 
खूब पानी पियें, खेलें, चाँद कि रोशनी में बैठें, चांदी के गिलास में दूध पियें,  माँ की सेवा करें ।
हरी घास पर चलें, मध्यमा उंगली में ताम्बे का छल्ला पहनें, हरी सब्जियां खाए     
उड़द, चना, राजमा यानि बादी वाली चीजों से बचें। 
प्रातःकाल सूर्य दर्शन  करना चाहिए ।   
मछलियों को दाना डालना चाहिए   ।  
बजरंग बाण का पाठ करें ।  
मन निर्बल हो, हमेशा मन में एक अनजाना भय बना रहे तो "आदित्य हृदय स्तोत्र" का पाठ करें आत्मविश्वास बढ़ेगा और मनोबल ऊँचा होगा ।  
 घर में गूगल कि धूनी लगाएं, नमक डालकर पौंछा लगाएं , फटे जूते, कपडे न पहने, घर व्यस्थित रखें  ।   
 कभी- कभी घर में हवन करें  ।  
ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए-:लिंक को क्लिक  करें 
           Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra.