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Saturday, March 14, 2015

अंक ज्योतिष :मूलांक के अनुसार पूजा और दान :Numerology: the worship and Dan:

मूलांक के अनुसार पूजा  और दान :
मूलांक १ :श्री गणेश की पूजा करे और  रविवार को गेहू दान करे।
मूलांक 2  : महालक्ष्मी की पूजा करे और  सोमवार को चावल का दान करे। 
मूलांक 3   :श्री गणेश और लक्ष्मी की साथ में पूजा करे और  गुरुवार को चने की दाल का दान करे। 
मूलांक ४ :श्री हनुमानजी का पूजन करे और शनिवार को काले तिल का दान करे।
मूलांक  ५ :श्री हरी विष्णु का पूजन करे और बुधवार को साबुत मुंग का दान करे। 
मूलांक ६ :शिव का पूजन करे और  बुधवार को गाय को हरा चारा डाले। 
मूलांक ७ :शिवलिंग पर जलाभिषेक करे और मंगलवार को सफ़ेद तिल का दान करे। 
मूलांक ८ :श्री कृष्ण का पूजन करे और  शनिवार को साबुत मुंग का दान करे। 
मूलांक ९ :श्री भैरव का पूजन करे और  मंगलवार को मसूर की दाल का दान। 

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Monday, November 17, 2014

अंक ज्यातिष से जानिए :अनुकूल नंबर :वाहन नंबर: रंग :Numerology : Vehicle number:

वाहन के नंबर का कुल योग अनुकूल नंबर पर रखें तो उन्हे अच्छा लाभ मिलता है। 
  •  मूलांक :
  • किस  रंग का वाहन होना चाहिए:
  • शुभ दिन:
  • अनुकूल नंबर
 मूलांक :मूलांक - 1 : जिनका जन्म किसी भी महीने की1,10,19,और 28 तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 1 होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  1,2, 4 या 7   होता है
मूलांक - 2 : जिनका जन्म किसी भी महीने की2,11,20, और 29 तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 2 होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  1,2, 4 या 7  होता है
मूलांक - 3 : जिनका जन्म किसी भी महीने की 3,12,21 और 30 तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 3 होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  3,6, या 9 होता है

 मूलांक -4 : जिनका जन्म किसी भी महीने की 4,13,22, और 31 तारीख को है हुआ है वो लोग मूलांक 4 तो इस अंक वालों को अनुकूल नंबर  1, 2, 4 या 7 होता है
 मूलांक -5 : जिनका जन्म किसी भी महीने की  5,14,और 23 तारीख को है हुआ है वो लोग मूलांक 5 तो इस अंक वालों को अनुकूल नंबर   होता हैमूलांक - 6 : जिनका जन्म किसी भी महीने की  6,15,24, तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 6 होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  3,6, या 9 होता है
मूलांक - 7    : जिनका जन्म किसी भी महीने की 7,16,25, तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 7    होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  1,2, 4 या 7    होता है   
मूलांक -8: जिनका जन्म किसी भी महीने की  8,17,26,तारीख को है हुआ है वो लोग मूलांक 8तो इस अंक वालों को अनुकूल नंबर  8,होता है
मूलांक - 9 : जिनका जन्म किसी भी महीने की  9,18 , 27 तारिख  को  हुआ है तो इनका  मूलांक 9 होगा और इस अंक वालों का अनुकूल नंबर  3,6, या 9 होता है
शुभ दिन:
मूलांक दिन 1 रविवार 2 सोमवार 3 गुरुवार 4 शनिवार 5 बुधवार 6 शुक्रवार 7 रविवार 8 शनिवार 9 मंगलवार।
किस  रंग का वाहन होना चाहिए:
मूलांक 1:  पीले, सुनहरे अथवा क्रीम रंग का वाहन  । 
मूलांक  2:  सफेद अथवा हल्के हरे रंग का वाहन क्रय करें । 
मूलांक 3: पीले, बैंगनी, नीले या गुलाबी रंग का वाहन खरीदना चाहिए,
मूलांक  4:  नीले या भूरे रंग का वाहन शुभ होगा।
मूलांक  5:हल्के हरे, सफेद या भूरे रंग का वाहन रखें। 
मूलांक 6 : हल्के नीले, गुलाबी या पीले रंग का वाहन होना चाहिए,। 
मूलांक 7: वाहन नीले या सफेद रंग का हो तो शुभ रहेगा। 
मूलांक  8:  वाहन का रंग काले, नीले, भूरे एवं बैंगनी ।
मूलांक 9:  वाहन का रंग लाल या गुलाबी रखें तो शुभ हो। 
वाहन का नंबर अनुकूल नंबर पर रखें:

वाहन के नंबर का कुल योग नंबर 2451है, अतः कार का मूलांक 3हुआ। 
अनुकूल नंबर  3,6, या 9 होता है
वाहन लेते समय अनुकूल नंबर  3,6, या 9अंकों का चयन करना चाहिए, जिनके मूलांक की उसके मूलांक से मित्रता हो।

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Saturday, November 15, 2014

अंक ज्योतिष से जानिये , मोबाइल नंबर और कार्य क्षेत्र :Numerology: Mobile number and work area

अंक ज्योतिष से जानिये मोबाइल नंबर  और कार्य क्षेत्र :Numerology:
मोबाइल नंबर स्थिति। 
मोबाइल नंबर भी हमे  को प्रभावित करता है।   जैसा की हम जानते है  की
अंक भी  भाग्य को प्रभावित करते हैं।
अंकशास्त्र के अनुसार : 


कार्य क्षेत्र के अंक का मोबाइल नंबर में  अधिक बार आना भाग्य को बलवान बनाता है और कार्य क्षेत्र उनत्ति प्रधान  करता  है । 
आप किस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उस प्रकार मोबाइल नंबर चुनना चाहिए। 
अंक 1- प्रशासक, अधिकारी, जौहरी का कार्य, मकानों की ठेकेदारी, जलप्रदाय विभाग, राजनीतिक कार्य ,आभूषण,  स्वर्णकारिता, विद्युत, चिकित्सा, नेतृत्व, स्पोर्टस वस्तु, अग्नि, सेवा कार्य, सैन्य विभाग व प्रशासन ,सरकारी क्षेत्रों, बिजली, सर्जरी, विज्ञान, प्रशासनिक, सोना, आभूषण सरकारी ठेकेदारी आदि मै  सफलता मिलती है,।
अंक 2 -तेल संबंधी कार्य, चीनी मिल, अन्न का व्यवसाय, दूध, दही, घृत, कागज, जल, कृषि, एजेंट, संपादन, लेखन, संगीत, अभिनय, नृत्य, मकानों की ठेकेदारी,द्रव्य पदार्थ, तैतीय कार्य, पर्यटन, एजेंट, फल-फूल,    ठेकेदारी, चिकित्सा, रत्नों का व्यवसाय, दंत चिकित्सा, पशुपालन,दूध, डेरी, तरल पदार्थ, पत्रकारिता, समुद्री कार्य, रत्न का व्यापार, कला, सजावट, आर्किटक्चर आदि के कार्य मै  सफलता मिलती है। 
अंक 3 - रेस्टोरेंट, होटल, व्याख्याता, प्राध्यापक, कानून के सलाहकार, न्यायाधीश, दलाल, पुलिस विभाग, दर्शन शास्त्री, अभिनेता, सेल्स मैन, टाइपिस्ट वस्त्र, भोजनालय, धर्मोपदेश, लेखन, संपादन, कानूनी सलाहकार, व्याख्याता, वकील, क्लर्क, चिकित्सा कार्य, दलाली, आढ़त, विज्ञापन, अभिनय, जल जहाज कार्य, पुलिस विभाग, दार्शनिक, प्रबंधन व जलीय व्यापार,शिक्षा के क्षेत्र में, अदालती, कामी, राजदूत, दर्शन शास्त्र, धार्मिक कार्य, बैंक आदि के क्षेत्रों में सफल होते  है।
अंक 4- तेल, मिट्टी का तेल, अर्क, इत्र, रेल विभाग, उपदेशक, राज्य कर्मचारी, मजदूर, मोटर चालक, पत्रकार, बाबू, टेलीफोन आॅपरेटर,इजी., सेल्समैन, वहीखाता, रेलवे, टेलीग्राफी, पत्रकारिता, तम्बाकू, दलाली, लेखा, ट्रांसपोर्ट, राजनीति तथा ज्ञान के क्षेत्रों में सफल होते हैं।
अंक 5 - ज्योतिष, सेल्समैन, डाकघर, बीमा विभाग, अनुवादक, राजनीति संबंधी कार्य, लाइब्रेरियन, इतिहास, खोज एवं पुरातत्व विभाग, मुनीम, पर्यटक एवं बुद्धिसेल्समैन, बीमा, लेखन, शिक्षा, गणितज्ञ, चिकित्सक तथा ऊंचे दर्जों के व्यापारी हो सकते हैं। 
अंक 6 - ब्यूटी पार्लर, होटल, ढाबे, शिल्पकार, डिजायनर, कहानीकार, बागवानी, वस्त्र व्यवसायी, वस्त्राभूषण, टेरीलीन, टेरीन, ऊनी वस्त्रादि के विक्रेता, मिष्टान्न व्यवसाय, घड़ीसाजी, नृत्याभिनयकला क्षेत्र में फैशन, फिल्मी दुनिया, गायन, लेखन, कथा कहानी, ड्रामा, चित्रकला ,में सफल होते हैं।
अंक 7 - अभिनय, फिल्म व्यवसाय, वायु सेवा, पर्यटन, ड्राइवर का कार्य, बाबूगिरी, संपादन कार्य, रबर, क्रय-विक्रय, भूमिगत पदार्थों का व्यवसाय, क्रय-विक्रय, ड्राईविंग, दवा विक्रेता, गुप्तचारी, पहलवानी, संपादन, राजनीति आदि तथा डेरी, फिल्म ज्योतिष, अध्यात्म आदि में  सफल होते हैं। 
अंक 8 - खेल-कूद, सैन्य विभाग, ठेकेदारी, टीन चद्दर आदि का कार्य, कुलीगिरी, लघु उद्योग, वकालत, ज्योतिष कार्य, वैज्ञानिक कार्य, मुर्गी पालन, बागवानी, सौंदर्य प्रसाधन कोयला और लकड़ी का व्यवसाय, इजी., खिलाड़ी, नगरपालिका, कोयला, खान, पशुपालन, न्याय विभाग, ठेकेदारी, जेल विभाग में सफलता मिलती है।
अंक 9: चिकित्सा, ज्योतिष, धर्मोपदेशक, सैन्य विभाग, गोला-बारूद, आतिशबाजी का व्यवसाय, वकालत, औषधि विक्रेता, लौह तथा अन्य धातु संबंधी कार्य,सेना, पुलिस, मशीनरी, इंजीनियर, पहलवानी, प्रबंधक, औषधि निर्माण, भूमि संबंधी, अग्नि संबंधी, इन क्षेत्रों में मै सफलता मिलती है।

जैसे अगर आप ऊपर   बताये  गऐ क्षेत्र से जुड़े हुए हैं  तो  अंक के  अनुसार उनकी  अधिकता वाला मोबाइल नंबर चुन सकते हैं। 

उदाहरण- किसी जातक कामोबाइल नंबर 8861209966:
अंक के  अनुसार उनकी  अधिकता 666 , 88, 99तो  इनको 6 अंक ,8 अंक,9 अंक के कार्य क्षेत्र से जुड़ना  चाहिए । 
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अंक ज्योतिष से जानिये नौकरी और व्यवसाय :Numerology: Job and Business:

अंक से प्रभावित लोगों के नौकरी और  व्यवसाय :Numerology: Job and Business:
अंक 1- प्रशासक, अधिकारी, जौहरी का कार्य, मकानों की ठेकेदारी, जलप्रदाय विभाग, राजनीतिक कार्य ,आभूषण,  स्वर्णकारिता, विद्युत, चिकित्सा, नेतृत्व, स्पोर्टस वस्तु, अग्नि, सेवा कार्य, सैन्य विभाग व प्रशासन ,सरकारी क्षेत्रों, बिजली, सर्जरी, विज्ञान, प्रशासनिक, सोना, आभूषण सरकारी ठेकेदारी आदि मै  सफलता मिलती है,।
अंक 2 -तेल संबंधी कार्य, चीनी मिल, अन्न का व्यवसाय, दूध, दही, घृत, कागज, जल, कृषि, एजेंट, संपादन, लेखन, संगीत, अभिनय, नृत्य, मकानों की ठेकेदारी,द्रव्य पदार्थ, तैतीय कार्य, पर्यटन, एजेंट, फल-फूल,    ठेकेदारी, चिकित्सा, रत्नों का व्यवसाय, दंत चिकित्सा, पशुपालन,दूध, डेरी, तरल पदार्थ, पत्रकारिता, समुद्री कार्य, रत्न का व्यापार, कला, सजावट, आर्किटक्चर आदि के कार्य मै  सफलता मिलती है। 
अंक 3 - रेस्टोरेंट, होटल, व्याख्याता, प्राध्यापक, कानून के सलाहकार, न्यायाधीश, दलाल, पुलिस विभाग, दर्शन शास्त्री, अभिनेता, सेल्स मैन, टाइपिस्ट वस्त्र, भोजनालय, धर्मोपदेश, लेखन, संपादन, कानूनी सलाहकार, व्याख्याता, वकील, क्लर्क, चिकित्सा कार्य, दलाली, आढ़त, विज्ञापन, अभिनय, जल जहाज कार्य, पुलिस विभाग, दार्शनिक, प्रबंधन व जलीय व्यापार,शिक्षा के क्षेत्र में, अदालती, कामी, राजदूत, दर्शन शास्त्र, धार्मिक कार्य, बैंक आदि के क्षेत्रों में सफल होते  है।
 अंक 4- तेल, मिट्टी का तेल, अर्क, इत्र, रेल विभाग, उपदेशक, राज्य कर्मचारी, मजदूर, मोटर चालक, पत्रकार, बाबू, टेलीफोन आॅपरेटर,इजी., सेल्समैन, वहीखाता, रेलवे, टेलीग्राफी, पत्रकारिता, तम्बाकू, दलाली, लेखा, ट्रांसपोर्ट, राजनीति तथा ज्ञान के क्षेत्रों में सफल होते हैं।
 अंक 5 - ज्योतिष, सेल्समैन, डाकघर, बीमा विभाग, अनुवादक, राजनीति संबंधी कार्य, लाइब्रेरियन, इतिहास, खोज एवं पुरातत्व विभाग, मुनीम, पर्यटक एवं बुद्धिसेल्समैन, बीमा, लेखन, शिक्षा, गणितज्ञ, चिकित्सक तथा ऊंचे दर्जों के व्यापारी हो सकते हैं। 
अंक 6 - ब्यूटी पार्लर, होटल, ढाबे, शिल्पकार, डिजायनर, कहानीकार, बागवानी, वस्त्र व्यवसायी, वस्त्राभूषण, टेरीलीन, टेरीन, ऊनी वस्त्रादि के विक्रेता, मिष्टान्न व्यवसाय, घड़ीसाजी, नृत्याभिनयकला क्षेत्र में फैशन, फिल्मी दुनिया, गायन, लेखन, कथा कहानी, ड्रामा, चित्रकला ,में सफल होते हैं।
 अंक 7 - अभिनय, फिल्म व्यवसाय, वायु सेवा, पर्यटन, ड्राइवर का कार्य, बाबूगिरी, संपादन कार्य, रबर, क्रय-विक्रय, भूमिगत पदार्थों का व्यवसाय, क्रय-विक्रय, ड्राईविंग, दवा विक्रेता, गुप्तचारी, पहलवानी, संपादन, राजनीति आदि तथा डेरी, फिल्म ज्योतिष, अध्यात्म आदि में  सफल होते हैं। 
अंक 8 - खेल-कूद, सैन्य विभाग, ठेकेदारी, टीन चद्दर आदि का कार्य, कुलीगिरी, लघु उद्योग, वकालत, ज्योतिष कार्य, वैज्ञानिक कार्य, मुर्गी पालन, बागवानी, सौंदर्य प्रसाधन कोयला और लकड़ी का व्यवसाय, इजी., खिलाड़ी, नगरपालिका, कोयला, खान, पशुपालन, न्याय विभाग, ठेकेदारी, जेल विभाग में सफलता मिलती है।
 अंक 9: चिकित्सा, ज्योतिष, धर्मोपदेशक, सैन्य विभाग, गोला-बारूद, आतिशबाजी का व्यवसाय, वकालत, औषधि विक्रेता, लौह तथा अन्य धातु संबंधी कार्य,सेना, पुलिस, मशीनरी, इंजीनियर, पहलवानी, प्रबंधक, औषधि निर्माण, भूमि संबंधी, अग्नि संबंधी, इन क्षेत्रों में मै सफलता मिलती है। 

मूलांक -  जन्म तारीख के कुल योग को मूलांक कहते है ।
मूलांक- किसी भी जातक की जन्मतिथि का योग मूलांक होता है जैसे 4 ,22,31,,  तारीखों को जन्मे जातकों का मूलांक 4कहलाएगा।
भाग्यांक - DD : MM : YYYY के कुल योग को भाग्यांक कहते है।
 भाग्यांक- जन्म की तिथि, माह व वर्ष का योग भाग्यांक होता है जैसे 31 अक्टूबर माह 1949 का भाग्यांक  3+ 1+1+0 +1+9+4+9 =28=10 =1होगा।
 मूलांक और भाग्यांक:अनुसार काम करने से जीवन में काम पुरे होने  मै  बाधाऐ  नही  आती  है ।
   अंक   स्वामी ग्रह        मित्रांक           समांक            शत्रु अंक
   १        सूर्य             ४-८            २,३,७,९            ५,६
   २      चन्द्रमा           ७-९            १,३,४,६            ५,८
   ३        गुरु             ६-९             १,२,५,७            ४,८
   ४     हर्षल-राहु         १-८             २,६,७,९          ३,५
   ५       बुध             ३-९             १,६,७,८             २,४
   ६       शुक्र             ३-९             २,४,५,७            १,८
   ७    नेप्चून-केतु      २-६             ३,४,५,८         १,९
   ८      शनि             १-४             २,५,७,९             ३,६
   ९      मंगल            ३-६             २,४,५,८             १,७


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Friday, November 14, 2014

अंक ज्योतिष:मूलांक व भाग्यांक का नामांक से मेल करके लाभ कैसे प्राप्त करे:Numerology:How to get benefits:

अंक ज्योतिष:मूलांक व भाग्यांक का नामांक से मेल करके लाभ कैसे प्राप्त करे:
मूलांक -  जन्म तारीख के कुल योग को मूलांक कहते है ।
भाग्यांक - DD : MM : YYYY के कुल योग को भाग्यांक कहते है।

 मूलांक और भाग्यांक:अनुसार काम करने से जीवन में काम पुरे होने  मै  बाधाऐ  नही  आती  है ।
मूलांक व भाग्यांक का नामांक का मेल न करना।
नामांक का ग्रह उसके मूलांक, भाग्यांक का शत्रु नही होना चाहिए ।
नाम के आगे अथवा पीछे कुछ अक्षरों को जोड़ या   घटाकर नामांक का  मेल करते हैं
नामांक :प्रत्येक अक्षर का एक अंक होता है अत: नाम लिखने के बाद सभी अक्षरों के अंकों को जोड़ा जाता है जिससे नामांक ज्ञात होता है।
 मूलांक व भाग्यांक का नामांक से मेल कैसे करे:
मूलांक- किसी भी जातक की जन्मतिथि का योग मूलांक होता है जैसे 4 ,22,31,,  तारीखों को जन्मे जातकों का मूलांक 4कहलाएगा। भाग्यांक- जन्म की तिथि, माह व वर्ष का योग भाग्यांक होता है जैसे 31 अक्टूबर माह 1949 का भाग्यांक  3+ 1+1+0 +1+9+4+9 =28=10 =1होगा। उदारण- किसी जातक का नाम  HVSI  LAL  CHOUREY व उसकी जन्मतिथि 31.10.1949 है। जातक का मूलांक = 31= 3+1 = 4है। जातक का भाग्यांक = 31.10.1949 3+ 1+1+0 +1+9+4+9 =28=10 =1 जातक का नामांक- 
 HVSI  LAL  CHOUREY 56313133576251=51=6  चूंकि नामांक (6) 41का मित्र अंक नहीं है इसलिए जातक को इस नाम में कुछ फेर बदल करना पड़ेगा (मूलांक व भाग्यांक बदल नहीं सकते)। यदि जातक अपना नाम केवल
 HOUSI  LAL CHOUREY 576313133576251=58=5+8+=13=1+3=4 कर ले जिससे नामांक  =4 हो जाएगा तो उसे लाभ होने लगेगा कारण अंक 4 ,मूलांक व भाग्यांक दोनों का मित्र है जिससे उसे हर काम में  लाभ होने लगेगा।
  नाम की सारणी (नामांक) बनाने की विधि 
A B C D E F G H I J K L M
1  2  3 4  5 8 3   5 1 1 2 3 4 
N O P Q R S T U V W X Y Z 
5 78 1 2 3 4 6 6 6 5 1 2 

 वर्णाक्षर             स्वामी अंक         वर्णाक्षर           स्वामी अंक
 A,I,J,Q,Y                1             E,H,N,X              5
 B,K,R                     2             U,V,W                 6
 C,G,L,S                  3             O,Z                     7
 D,M,T                    4              F,P                     8
                                                                          9
नौ अंक सबसे श्रेष्ठ है तथा इसे किसी भी वर्णाक्षर का स्वामित्व नहीं मिला। प्रस्तुत अंक तालिका कीरो के सिद्धान्त के अनुसार प्रस्तुत है।

   अंको के मित्र-शत्रु
अंकों के प्रभाव की जानकारी हेतु अंक और ग्रह की निम्नांकित तालिका प्रस्तुत की जाती है।
  अंक   स्वामी ग्रह        मित्रांक           समांक            शत्रु अंक
   १        सूर्य             ४-८            २,३,७,९            ५,६
   २      चन्द्रमा           ७-९            १,३,४,६            ५,८
   ३        गुरु             ६-९             १,२,५,७            ४,८
   ४     हर्षल-राहु         १-८             २,६,७,९          ३,५
   ५       बुध             ३-९             १,६,७,८             २,४
   ६       शुक्र             ३-९             २,४,५,७            १,८
   ७    नेप्चून-केतु      २-६             ३,४,५,८         १,९
   ८      शनि             १-४             २,५,७,९             ३,६
   ९      मंगल            ३-६             २,४,५,८             १,७


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Wednesday, November 5, 2014

अंक ज्योतिष : मूंलाक और आप :Numerology: Munlak and you :

 मूलांक : जन्मतारीख को ही मूलांक कहते हैं।
 मूलांक प्राय: 1 से 9 होते हैं।
 जन्मतारीख में दहाई की संख्‍या होने पर दोनों संख्‍याओं को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है।
 जैसे यदि जन्म तारीख 31है तो मूलांक 3+ 1 = 4 होगा।
 (1.) जन्म 1,10,19,28 तिथि को हुआ हो, उसका मूलांक एक होता है।
(2.) जन्म 2,11,20, 29 तिथि को होता है, उसका मूलांक दो होता है।
(3.) जन्म 3,12,21,30 तिथि को होता है, उसका मूलांक तीन होता है।
(4.) जन्म 4,13,22,31 तिथि को होता है, उसका मूलांक चार होता है।
(5.) जन्म 5,14,23 तिथि को होता है, उसका मूलांक पाँच होता है।
(6.) जन्म 6,15,24 तिथि को होता है, उसका मूलांक छः होता है।
(7.) जन्म 7,16,25 तिथि को होता है, उसका मूलांक सात होता है।
(8.) जन्म 8,17,26 तिथि को होता है, उसका मूलांक आठ होता है।
(9.)  जन्म 9,18,27 तिथि को होता है, उसका मूलांक नौ होता है
तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक और स्वामी
जन्म तारीख :मूलांक :स्वामी :मित्र
1, 10, 19, 28 मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है(१,२,४,७ )
2, 11, 20, 29 मूलांक- 2 स्वामी चंद्रमा(१,२,४,७,)
3, 12, 21, 30 मूलांक- 3, स्वामी गुरू (३ ,६ ,९ )
4, 13, 22, 31 मूलांक 4 का स्वामी- राहु(१ ,२ ,४ ,७ )
5, 14, 23 मूलांक 5 स्वामी बुध (५ )
6, 15, 24 मूलांक 6 स्वामी शुक्र (३ ,६ ,९ )
7, 16, 25 मूलांक 7 स्वामी केतु (१ ,२ ,४ ,७ )
8, 17, 26 मूलांक 8 स्वामी- शनि-(८)
9, 18, 27 मूलांक 9 स्वामी मंगल(३ ,६ ,९ )


भाग्यशाली वर्ष मूंलाक के आधार पर । सफलता के द्वार खुलते जाते हैं।
मूलांक 1:भाग्यशाली वर्ष 22 वाँ वर्ष होता है।
मूलांक 2: 24 वाँ वर्ष ।
मूलांक 3: 32 वाँ वर्ष ।
मूलांक 4 :36 वाँ वर्ष।
मूलांक 5 : 32 वाँ वर्ष ।
मूलांक 6: 25 वाँ वर्ष ।
मूलांक 7 : 38  वाँ वर्ष।
मूलांक 8: 36 वाँ वर्ष।
मूलांक 9: 28 वाँ वर्ष ।


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Friday, July 5, 2013

अंक ज्योतिष - मूलांक और आपका भविष्य :Numerology - Mulank and Your Future:

जानिये मूलांक के बारे में ..

(1.) जिसका जन्म 1,10,19,28 को हुआ हो, उसका मूलांक एक होता है।  गुस्सा जल्दी आता है।
 (2.) जिसका जन्म 2,11,20, 29 को होता है, उसका मूलांक दो होता है।  ये चंचल स्वभाव के होते हैं, स्थिर नहीं रहते । इनका मन एक स्थान पर स्थिर नहीं रहता।
(3.) जिसका जन्म 3,12,21,30 को होता है, उसका मूलांक तीन होता है। ज्ञानी और स्पष्टवादी होते हैं। कला के प्रति रुझान होता है।
(4.) जिसका जन्म 4,13,22,31 को होता है, उसका मूलांक चार होता है। ये लोग मेहनती  होते हैं। अनुशासनप्रिय होते हैं ,एक जगह शान्त नहीं बैठते।
(5.) जिसका जन्म 5,14,23 को होता है, उसका मूलांक पाँच होता है। मिल-जुलकर रहना पसन्द करते हैं।
(6.) जिसका जन्म 6,15,24 को होता है, उसका मूलांक छः होता है। इनकी सौन्दर्य के प्रति रुचि होती हैं।
(7.) जिसका जन्म 7,16,25 को होता है, उसका मूलांक सात होता है।  धोखों का सामना करना पडता है। ये स्वभाव से मिलनसार ,अच्छे होते हैं।
(8.) जिसका जन्म 8,17,26 को होता है, उसका मूलांक आठ होता है।  लोग रहस्मयवादी प्रवृत्ति।

 (9.) जिसका जन्म 9,18,27 को होता है, उसका मूलांक नौ होता है। बहुत जल्दी उत्तेजित भी हो जाते हैं।

मूलांक से चुनिए करियर —-

मूलांक यानी आपकी डेट ऑफ बर्थ या जन्मदिन। यदि होरोस्कोप न हो तो केवल इसके द्वारा भी आप अपनी वर्किंग फील्ड के बारे में जान सकते है और मनचाही सफलता हासिल कर सकते हैं।

* यदि आप मूलांक 1 को रिप्रेजेंट करते है तो आपको डिजाइनर, टीम लीडर, फिल्म मेकिंग या नवीन इन्वेंशन के क्षेत्र में जाना चाहिए।

* यदि आपका मूलांक 2 है तो आपको किसी भी रचनात्मक काम को करना चाहिए जैसे डाँसिंग, राइटिंग, पोएट्री या रिसर्च के कार्य कर सकते हैं।


मूलांक 3 है तो आपके लिए एक्टिंग, टीचिंग, जर्नलिज्म, काउंसलिंग आदि बेहतर ऑप्शन है।

 मूलांक 4 है तो आपको इंजीनियर, बिल्डर, प्रोग्रामर, मशीनों से रिलेटेड काम करना चाहिए।

 मूलांक 5 है तो आपको प्रकाशन, विज्ञापन,लेखन आदि क्षेत्र में काम करना चाहिए।

 मूलांक 6 को रिप्रेजेंट करते है तो आप सोशल वर्क, मेडिकल, आयुर्वेद,कुकिंग आदि फील्ड में काम कर सकते हैं।

मूलांक 7 है तो आपको वैज्ञानिक, दार्शनिक, जासूस, मिस्ट्री नॉवेल राइटर होना चाहिए।

मूलांक 8 है तो आपको बैंकिंग, मैनेजर, किसी संस्था का डायरेक्टर या मशीनों का काम करना चाहिए।

मूलांक 9 है तो आप खिलाड़ी, फिजिशियन, वकील,सैनिक आदि हो सकते हैं।

मूलांक और आपका भविष्य
 मूलांक 1
महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को होता है, उसका मूलांक 1 होगा।  अधिपति सूर्य है।  दृढ़निश्चयी, स्वतंत्रता प्रिय, तथा नेतृत्व की जन्मजात प्रतिभा वाले होते हैं। ये बड़े परिश्रमी, लग्नशील, स्वाभिमानी तथा शक्तिशाली होते हैं।

 मूलांक 2
महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख को पैदा होने वाले जातक का मूलांक 2 होगा।  मूलांक 2 वाले व्यक्ति अपनत्व और प्यार के साथ अपनाते है और उन्हें प्रगति के पथ की ओर अग्रसर करने में प्रेरणादायी भूमिका का निर्वाहन करते हैं। रोग और मूलांक 2 : कमजोरी, क्षीणता, उद्वेग, मस्तक पीड़ा, छोटी-छोटी दुर्घटना, हृदय रोग, संवेदनशीलता, भावुकता, स्नायु निर्बलता, कब्जियत, आंत रोग, मूत्र रोग, गैस रोग  हो सकते हैं। हृदय रोग, मधुमेह, जोड़ों के दर्द आदि . महत्वपूर्ण वर्ष : 2, 11, 19, 20, 29, 37, 47, 57, 61 एवं 71 वां वर्ष शुभ हो ,मूलांक के जातकों के लिए 1, 4 और 7 की संख्या भी शुभ है।
मूलांक 3
मूलांक 3 वाले व्यक्ति महत्वाकांक्ष, नेतृत्व प्रिय, अधीनस्थ लोगों से भी अनुशासन में कठोर होते हैं।  मूलांक भी 3 हो तो उन जातकों पर वृहस्पति शुभ प्रभाव होगा। देव गुरू वृहस्पति -धन, विद्या, मन्त्रणा और सन्तान के कारक माने गये हैं।  3, 12, 21, 30 इन सब अंकों का मूलांक 3 ही हैं। जिनकी जन्म तारीख का मूलांक 3 हो, उनमें परस्पर विशेष आकर्षण होता है। मूलांक 3 अंक वालों को चमकीला गुलाबी रंग या हल्का गुलाबी रंग विशेष शुभ होता है। रोग और मूलांक :  चर्मरोग , दाद, खाज, खुजली, प्रमेह, पित्त प्रकोप, रक्त दोष  शुभ वार - रविवार, मंगलवार, गुरूवार एवं शुक्रवार। शुभ तारीखें - 3, 12, 21, 30, 6, 15, 24, 9, 18, 27, 1, 10, 19, 28 , महत्वपूर्ण वर्ष - 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30, 33, 39, 42, 45, 48, 51, 54, 57, 60, 63, 66 इत्यादि।

 मूलांक 4 वाला व्यक्ति अपने विवेक द्वारा अपनी कल्पना को सही दिशा देता है मूलांक 4 वाले व्यक्ति नई व्यवस्थाओं के संस्थापक एवं पुरानी सामाजिक व्यवस्थाओं के विरोधी होते हैं।  जिन लोगों की जन्म तारीख का मूलांक 1, 2, 7 या 8 होता है, उसके प्रति इनका झुकाव हो सकता है। मूलांक 4 अर्थात जन्म तारीख, 4, 13, 22, 31 हो उन्हें धन का अपव्यय नहीं करना चाहिए,  मूलांक 4 वाले व्यक्ति अपने अन्दर सहनशीलता की भावना पैदा करें और दूसरों से व्यर्थ विवाद न करें तथा शुत्रता को दावतनामा न दें,  शुभ वार - रविवार, सोमवार, शनिवार भी शुभ है। शुभ तारीखें - 4, 13, 22, 31 साथ ही 1, 10, 19, 28 शुभ रंग - क्रीम कलर, भूरा मिश्रित खाकी, नीला चटकीला रंग। जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76 आदि।

  मूलांक 5
   स्वस्थ्य शरीर, सदृढ़ कद काठी, तर्क बुद्धि, विलक्षण सूझबूझ के धनी, बुद्धि ज्ञान से सम्पन्न, पाण्डित्य दर्शाता स्वभाव, तेज तर्रार आभापूर्ण व्यक्तित्व इनकी प्रमुख विशेषता होती है। रोग और मूलांक 5 :  आंत संबंधी, चर्म रोग, जुकाम, नजला, फेफड़े या स्नायु रोग। मूलांक 5 वालों पर बुध का प्रभाव विशेष रूप से पड़ता है।  जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष : 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68 तथा 77 वाँ वर्ष महत्वपूर्ण होता है।  32 वें वर्ष में बुध अपना पूर्ण प्रभाव दिखाने लगता है।
  शुभवार - बुधवार, रविवार, शुक्रवार। शुभ तारीखें - 5, 14, 23 इन तारीखों में बुधवार हो तो विशेष शुभ। 1, 10, 19, 28 इन तारीखों में रविवार हो तो विशेष शुभ। शुभ रंग - हरा, श्वेत, भूरा, कत्थई। शुभ दिशा - उत्तर पूर्व एवं उत्तर पश्चिम।

  मूलांक 6
  स्वामी ग्रह शुक्र है।  6, 15 या 24 तारीख को हुआ हो। 6 मूलांक वाले व्यक्ति बहुधा लोकप्रिय होते हैं। इनमें आकर्षण शक्ति और मिलानसरिता प्रचुर मात्रा में होती है। धनी होने पर मूलांक 6 वाले व्यक्ति कला और कलाकारों के लिए उदारता से धन खर्च करते हैं।जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60 69 वां वर्ष महत्वपूर्ण है। रोग और मूलांक :  फेफड़ों से संबंधित रोग, स्नायु दुर्बलता, सीने की कमजोरी, मूत्र रोग, कफ जनित रोग, कब्जियत व जुकाम जैसे रोगो से पीडि़त हो सकते हैं। शुभवार - मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार शुभ तारीखें - 6, 15, 24 सहयोगी तारीखें 3, 9, 12, 18, 21, 27 एवं 30 शुभ रंग - गहरा नीला रंग, गुलाबी रंग, अशुभ रंग काला और बैगनी। शुभ दिशा - उत्तर पूर्व अथवा उत्तर पश्चिम शुभ रत्न - सौभाग्यशाली रत्न फिरोजा, पन्ना।

  मूलांक 7
मूलांक 7 के व्यक्तियों का प्रतीक और स्वामी ग्रह नेपच्यून यानी वरूण है।  7, 16, 25 को जन्मा हो, उसका मूलांक 7 होता है। 7 अंक वाले व्यक्तियों के लिये चन्द्रमा से संबंध रखने वाले 2, 11, 20, 29 तारीखों में पैदा हुए व्यक्तियों से दोस्ती करना शुभ रहेगा।  7, 16, 25 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति स्वतंत्र और मौलिक विचार वाले होते हैं। मूलांक 7 वाले व्यक्ति धर्म के संबंध में अपने विशिष्ट विचार रखते हैं। वे पुरानी परम्पराओं को पसन्द नहीं करते।  पहला गुण- मौलिकता, दूसरा गुण - स्वतंत्र विचार और तीसरा प्रधान गुण : विशाल व्यक्तित्व। जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 7, 16, 25, 34, 43, 52 और 61 वां वर्ष आपके जीवन में महत्वपूर्ण होगें। इन वर्षों में आप अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे। मित्रांक वर्ष 2, 4, 11, 13, 20, 22, 29, 31, 38, 40, 47, 49, 58 एवं 67 वां वर्ष भी लाभकारी हो सकता है। रोग और मूलांक : जब भी आपके जीवन में रोग की स्थिति आयेगी तब आपको पेट दर्द, छूत के रोग, पसीने की अधिकता, आमाशय दोष, कब्जियत, नींद न आना, भूख न लगना, गुप्तांग संबंधी रोग, वात व गठिया इत्यादि रोग हो सकते हैं। शुभवार - रविवार, सोमवार और बुधवार, शुभ तारीखें - 7, 16, 25, एवं 2, 11, 20 एवं 29, शुभ रंग - हल्का नीला, आसमानी, कपूरी, हरा, श्वेत, गुलाबी
अंक ज्योतिष में मूलांक 8 को विश्वास का अंक कहा गया है। इसका स्वामी ग्रह शनि है। किसी भी माह की 8, 17, 26 तारीख का मूलांक 8 होता है।
रोग और मूलांक :  वायु रोग, वात रोग, शारीरिक क्षीणता, अंध रोग, हृदय की कमजोरी, रक्त की कमी, कब्जियत, रक्तचाप, सिर की पीड़ा, कुष्ठ रोग, मूत्र रोग, गंजापन तथा कान-नाक में पीड़ा हो सकती है।जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62, 71 आदि वर्ष शुभ हैं इन आयु वर्षों में जीवन की अनुकूलता रह सकती हैं। मित्रांक वर्ष 4, 13, 22, 31, 40, 49 भी शुभ हो सकते हैं। शुभवार - शनिवार एवं बुधवार। शुभ तारीखें - 8,17, 26। शुभ रंग - गहरा नीला, काला, हरा एवं भूरा मिश्रित बैंगनी। शुभ दिशा - दक्षिण, दक्षिण पूर्व एवं दक्षिण पश्चिम।

मूलांक 9
मूलांक 9 का प्रतीक और स्वामी ग्रह मंगल है। 9, 18 या 27 तारीख को पैदा हुए हों।


 रोग और मूलांक: जब भी आपके जीवन में रोग की स्थिति आयेगी तब आपको क्रोध, झल्लाहट दुर्घटना, चोट, अंग शैथिल्य, हृदयरोग, रक्तचाप आदि पीड़ा देंगे।
  जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष - 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81 आदि। शुभवार - मंगलवार, गुरूवार एवं शुक्रवार। शुभ रंग - गुलाबी, गहरा लाल, सफेद या पीला। शुभ दिशा - पूर्व, उत्तर पूर्व, उत्तर पश्चिम। । मनुष्य का प्रतिनिधित्व करने वाला 9 का अंक शारीरिक और भौतिक क्षेत्र में शक्ति, ऊर्जा और युद्ध में संहार के गुणों से युक्त माना गया है।

अंक ज्योतिष में सभी अंको की अलग-अलग औषधियां और वनस्पतियां बताई गई है।  वनस्पतियों का उपयोग करें।
अंक-1  लौंग, केसर, किशमिश, कालीमिर्च, अदरक, आजवाइन, सौंठ, नींबू, जायफल, जौ, खजूर, संतरा, सीताफ ल आदि औषधियां उपयोग करना चाहिए इनके उपयोग से आप हमेशा तरोताजा रहेंगे।
अंक-2  केला, ककड़ी, कलींदा, पत्ता गोभी, सिंघाड़ा, सलाद आदि चिजों का सेवन करना आपके लिए लाभकारी माना गया है।
अंक-3 अनार, अंगूर, अनानास, शहतूत, सेब, शतावरी, नाशपाती, पुदीना, बादाम, केशर, लौंग, अंजीर एवं चुकंदर, स्वास्थ्य रक्षक जड़ी बूटियों का सेवन करें।
अंक-4 अंक , मेथी, सलाद, प्याज, हरी सब्जीयां, करेला, नीम, मीठे फल आदि का उपयोग करें।
अंक-5 बादाम, अखरोट और नारियल की गिरि, चुकंदर और जौ की रोटियों का सेवन करना चाहिए।  बादाम और अखरोट ही विशेष रूप से लाभकारी हैं।
अंक-6 अंक 6 वालों के लिए अनार, अंजीर, अखरोट सभी प्रकार की फलियां, चुकंदर, तरबूज, नाशपाती, सेब एवं बादाम

अंक-7 जन्मांक सात वाले लोगों के लिए हर प्रकार के फलों का रस, ककड़ी, प्याज, टमाटर, मूली, नींबू आदि का सलाद, सेब, संतरा, गोभी व अंगूर का सेवन तनाव और चिंता जनित रोगों का निवारण करने में लाभकारी माना गया है।
अंक-8 ताजी हरी सब्जियां और पके फलों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे तो लंबे समय तक जवान बने रहेंगे।  धनियां, पोदीना, लहसुन, प्याज, पालक की भाजी, गाजर व केला का उपयोग स्वास्थ्य रक्षक होता है।
अंक-9  अदरक, लहसुन, प्याज, लाल एवं हरी मिर्च, कालीमिर्च, तोरई, मीठे फ ल एवं मजीठ का प्रयोग करना लाभ प्रद होता है। गरिष्ठ भोजन, मदिरा का सेवन एवं नशीली वस्तुओं का सेवन करने से इन्हें परहेज