Wednesday, March 12, 2014

वास्तु टिप्स :सास-बहु के बीच कलेश :मनमुटाव :झगड़ा :Vastu Tips:

सास-बहू की टेंशन का कम करने के वास्तु टिप्स
वास्तु दोष


सास-ससुर का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और बेटे-बहू का कमरा पश्चिमी या दक्षिण दिशा में। अगर बेटे-बहू का रूम साउथ-वेस्ट में है, तो उनका सास-ससुर से झगडा रहेगा, डॉमिनेटिंग दिशा होने के कारण यहां घर के बडों को ही रहना चाहिए।.
किचन कभी भी घर के सेंटर में ना हो, यह आपसी संबंधों के लिए बेहद घातक है। घर की रसोई नॉर्थ-ईस्ट यानी उत्तर-पूर्व में होगी, तो वहां भी सास-बहू के आपसी क्लेश, मनमुटाव और हमेशा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहेंगी।.
गैस के ऊपर बने कैबिनेट काले ना हों। काले रंग से निकनेवाली अलफा रेडिएशन सेहत के लिए ठीक नहीं होतीं और चूंकि महिलाओं का ही अधिकतम टाइम में बीतता है, इसलिए सबसे ज्यादा असर इन्हीं की हेल्थ पर पडता है।.
वास्तु समाधान इस आधुनिक समय में ज्यादातर लोगों के घर छोटे-छोटे होते हैं, टाइम और पैसे की कमी होती है, इसलिए लोगों के लिए अपने घर को वास्तु के हिसाब से बनवाना सम्भव नहीं होता। जैसा घर मिला, उसी में काम चला लिया। अपने घर के वास्तु दोष आप इस प्रकार से ठीक कर सकती हैं।.
किचन में नीला कलर ना करावएं। यह हेल्थ की नजर से सही नहीं है, क्योंकि ब्लू कलर जहर का चिह्व है।.
घर की दीवारों पर मल्टीकलर ना कराएं। खासकर रेड कलर को कम से कम यूज में लाएं।.
घर के बडों का कमरा अगर साउथ-वेस्ट में ना हो, तो अपना कमरा बदल लें। अगर ऎसा करना संभव नाहो, तो उन्हें बेड इस दिशा में खिसका लेना चाहिए। पूरी फैमिली के आपसी रिश्ता को अच्छा बनाने के लिए पूरे परिवार की फोटो लाल रंग के फ्रेम में अपने-अपने बेडरूम में लगाएं।.

ये उपाय आजमाएं और सास-बहू की नाेक-झोंक से छुटकारा पाएं
अगर आपके घर में सास-बहू की नाेक-झोंक होती है तो इसे आप वास्तुशास्त्र के कुछ आसान उपाय आजमाकर दूर कर सकते हैं।
उपाय 1: सास-ससुर का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और बेटा-बहू का कमरा पश्चिमी या दक्षिण दिशा में। अगर बेटे-बहू का कमरा दक्षिण-पश्चिम में है, तो उनका सास-ससुर से झगड़ा रहेगा, हावी होने वाली दिशा होने के कारण यहां घर के बड़ाें को ही रहना चाहिए।
उपाय 2: किचन कभी भी घर के बीच में ना हो, यह आपसी संबंधों के लिए बेहद घातक है। घर की रसोई उत्तर-पूर्व में होगी, तो वहां भी सास-बहू के आपसी क्लेश, मनमुटाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हमेशा नहीं रहेंगी।
उपाय 3: किचन में कभी भी नीला रंग ना करवाएं। यह स्वास्थ्य की नजर से सही नहीं है, क्योंकि नीला रंग जहर का चिह्व है। घर की दीवारों काे कई रंगाें से रंगीन ना कराएं। खासकर लाल रंग को कम से कम उपयोग में लाएं।
उपाय 4: घर के बड़ाें का कमरा अगर दक्षिण-पश्चिम ना हो, तो कमरा बदल लें। अगर ऐसा करना संभव नहीं हो, तो उनके बेड इस दिशा में खिसका लेना चाहिए। पूरे परिवार के आपसी रिश्ते को अच्छा बनाने के लिए पूरे परिवार की फोटो लाल रंग के फ्रेम में अपने-अपने बेडरूम में लगाएं इससे लाभ मिलेगा। खासतौर पर सास-बहू के झगड़ों से निजात मिलेगी।
 सास-बहु के बीच कलेश दूर करने के उपाय———

गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें गुड़ तथा मीठा तेल डालकर जलाएं। फिर इसे घर के मुख्य द्वार के मध्य में रखें। इस उपाय से भी घर में शांति बनी रहेगी तथा समृद्धि में वृद्धि होगी।
—— एक नारियल लेकर उस पर काला धागा लपेट दें फिर इसे पूजा स्थान पर रख दें। शाम को उस नारियल को धागे सहित जला दें। यह टोटका 9 दिनों तक करें।
—- घर में तुलसी का पौधा लगाएं तथा प्रतिदिन इसका पूजन करें। सुबह-शाम दीपक लगाएं। इस उपाय को करने से घर में सदैव शांति का वातावरण बना रहेगा।
—– अगर घर में सदैव अशांति रहती हो तो घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर श्वेतार्क (सफेद आक के गणेश) लगाने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
—- यदि किसी बुरी शक्ति के कारण घर में झगड़े होते हों तो प्रतिदिन सुबह घर में गोमूत्र अथवा गाय के दूध में गंगाजल मिलाकर छिड़कने से घर की शुद्धि होती है तथा बुरी शक्ति का प्रभाव कम होता है।
—-घर के बर्तन के गिरने टकराने की आवाज न आने दें।
—-घर सजाकर सुन्दर रखें।
—-बहू को चाहिए की सूर्योदय से पहले घर में झाडू लगाकर कचड़े को घर के बाहर फेंके।
—-पितरों का पूजन करें।
—-प्रतिदिन पहली रोटी गाय को एवं आखरी रोटी कुत्ते को खिलाऐं।
—-ओम् शांति मन्त्र का जाप सास-बहू दोनों 21 दिन तक लगातर 11-11 माला करें।
—-रोटी बनाते समय तवा गर्म होने पर पहले उस पर ठंडे पानी के छींटे डाले और फिर रोटी बनाएं।


1 comment:

anima astrologer said...

बहुत ही अच्छा ब्लॉग है ... खासकर जो विषय आपने उठाया है वो आज कल के हर घर की कहानी है | हर घर में झगडे हो रहे है | अगर इन उपायों का अच्छे तरीके के उपयोऊ किया जाये तो अच्चे परिणाम मिलेंगे | मेरी सुभकामनाये आपके साथ है.
सर्वश्रेस्ठ खगोल शास्त्री
श्रेष्ठ खगोल शास्त्री