Tuesday, July 18, 2017

ज्योतिष सलाह : वर-वधू संपूर्ण कुंडली मिलान के लिए आयु संतान धन आदि का विचार कैसे करें? horoscope matching?

ज्योतिष सलाह : वर-वधू संपूर्ण कुंडली मिलान के लिए आयु संतान धन आदि का विचार कैसे करें? 
              How to think of age, children,, wealth etc. for bride-groom in horoscope matching?
Astrologer Housi lal chourey:
ग्रह-तारे: click the blog. 09893234239, 08319942286,08861209966:housi.chourey@gmail.com:
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कुंडली विश्लेषण में हम जानकारी ले रहे हैं कि वर वधू कुंडली मिलान में क्या क्या देखना चाहिए। कुंडली मिलान में हमें वर वधु की आयु कैसी ह, संतान भाव कैसा है, स्वास्थ्य कैसा है, धन भाव कैसा ह। इस सब का विचार करना चाहिए  । जीवन सुखमय बनाने के लिए गुण मिलान, मांगलिक मिलान तथा संपूर्ण कुंडली मिलान आवश्यक हो जाता है ।सर्वप्रथम हम स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेंगे स्वास्थ्य के लिए वर वधु के लग्न भाव लग्नेश, षष्ट भाव छठे भाव का स्वामी  तथा मन का कारक चंद्रमा को देखना है ।इन सभी पर पाप ग्रहों का प्रभाव नहीं होना चाहिए शुभ ग्रहों का प्रभाव होना चाहिए। इस प्रकार हम देख रहे हैं कि लग्न भाव बलवान होना चाहिए यहां कोई नीच के ग्रह नहीं होना चाहिए । लग्न का स्वामी भी बलवान हो।वह केंद्र और त्रिकोण में होना चाहिए। इस तरह से हम स्वास्थ का विचार कर सकते हैं। इसके पश्चात गुण मिलान में हम वर वधू की कुंडली मिलान करते हैं उसमें नाड़ी दोष नहीं होना चाहिए भकूट दोष नहीं होना चाहिए ग्रहो में मैत्री होना चाहिए । साथ-साथ यह देखें कि मांगलिक दोष भी नहीं होना चाहिए ।अगर मांगलिक दोष है तो दोनों में उसको देखना चाहिए तभी शादी करना चाहिए। इसके बाद हम संतान भाव को देखेंगे ।वर-वधु का संतान भाव देखने के लिए हमें कुंडली का पांचवा भाव ,पांचवें भाव के स्वामी को तथा उसके कारक गुरु को देखना चाहिए ।यह तीनों शुभ होना चाहिए और बली होकर उनके स्वामी केंद्र त्रिकोण में होना चाहिए इन पर पाप ग्रहों का प्रभाव नहीं होना चाहिए इस तरह हम संतान सुख के बारे में विचार करते हैं ।इसके पश्चात हम वर वधू कुंडली में धन की स्थिति देखेंगे ।धन की स्थिति देखने के लिए इनके कुंडली का दूसरा भाव 11 भाव तथा उनके स्वामी बलवान होना चाहिए इसका कारक गुरु ग्रह है उसकी भी मजबूत होना चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि दूसरे भाव का स्वामी ग्यारवें भाव का स्वामी तथा गुरु केंद्र में उच्च का स्वराशि का मित्र राशि में होने पर धन भाव और लाभ भाव की स्थिति मजबूत हो जाती है इनपर पाप प्रभाव होगा तो इनकी स्थिति कमजोर हो जाती है ।इस तरह हमने कुंडली मिलान में संपूर्ण कुंडली मिलान के लिए जातक के स्वास्थ्य को देखा ,आयु को देखा ,धन भाव  को देखा ,संतान भाव को देखा तथा गुण मिलान देखा, जो की नाडी दोष भकूट दोष मांगलिक दोष आदि के बारे में बताता है ।इन सब की जानकारी प्राप्त करके हम वर वधू को अपने वैवाहिक जीवन को सफल बनाने में योगदान दे सकते हैं । धन्यवाद।

1 comment:

Blogger said...

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