Thursday, September 11, 2014

कुंडली विश्लेषण करने के लिए :वर्ग कुण्डली :सप्तांश: नवांश : दशमांश: :Saptansh: Navansh :Dashmansh :Chart Kundali:Astrology Simplified Videos:

 ज्योतिष,वास्तु ,एक्यूप्रेशर पॉइंट्स ,हेल्थ , इन सबकी डेली टिप्स के लिए -  लिंक को क्लिक  करें :
    Shree Siddhi Vinayak Jyotish avm Vaastu Paramarsh kendra.
Astrologer Housi Lal Chourey : कुंडली विश्लेषण करने के लिए :वर्ग कुण्डली :सप्तांश: नवांश : दशमांश: द्वादशांश:षोडशांश :विशांश :Saptansh: Navansh :Dashmansh :Dwadshansh: Shodshansh :Vishansh : chartKundali

कुंडली विश्लेषण करने के लिए :
लग्न कुण्डली, चंद्र कुण्डली व सूर्य कुण्डली। इन तीनों को जब एक साथ मिलाकर देखा जाता है तो सुदर्शन चक्र  होता है।
महर्षि पराशर ने इस वर्ग कुण्डली को जीवन के सभी पहलुओ को जांचने के लिए कहा   गया   है.
 वर्ग कुण्डली- होरा कुण्डली, द्रेष्काण, सप्तमांश, नवमांश, द्वादशांश,    षोडशांश, विंशांश, चतुर्विंशांश, त्रिशांश व षटयांश आदि आदि हैं
वर्ग कुण्डली के लग्न, लग्नेश और संबंधित भाव और भावेश का विश्लेषण किया जाता है. संतान के लिए सप्तांश कुण्डली का देखी जाती है.  सप्तांश कुण्डली का लग्न, लग्नेश, पंचम भाव और पंचमेश को देखा होगा . जन्म कुण्डली के पंचमेश की स्थिति सप्तांश में  देखकर  निर्णय पर पहुचना  चाहिये .
 होरा कुण्डली अर्थात D-२ (चार्ट)  कुण्डली।   होरा कुण्डली का आंकलन धन के लिए किया  जाता हैं। 
द्रेष्काण कुण्डली या D-3  (चार्ट )कुण्डली को भाई-बहनो के लिए  देखना चाहिये .
चतुर्थांश कुण्डली या D-४   (चार्ट )कुण्डली। चतुर्थांश कुण्डली का आंकलन  भूमि, जमीन और भाग्य के लिए  देखना चाहिये .
सप्तांश कुण्डली:Saptansh अथवा D-७ (चार्ट )कुण्डली।सप्तांश कुण्डली को संतान के लिए देखा जाता है.
नवांश कुण्डलीNavansh  अथवा D-९(चार्ट )कुण्डली। नवांश कुण्डली   जीवनसाथी के लिए देखि जाती  है.
दशमांश Dashmansh कुण्डली अथवा D-१० (चार्ट )कुण्डली। दशमांश कुण्डली कैरियर के लिए देखि जाती  है.
द्वादशांशDwadshansh कुण्डली /D-12 का विश्लेषण माता-पिता के लिए किया जाता है.
 षोडशांश
Shodshanshकुण्डली /D-16 का विश्लेषण वाहन सुख के लिए
देखि जाती  है.
 विशांश Vishansh कुण्डली /D-20 को आध्यात्मिक विकास के लिए। 
 चतुर्विशांश कुण्डली अथवा D-24 को शिक्षा के लिए देखा जाता है.
 सप्तविशांश कुण्डली अथवा D-27 को जीवन के बलाबल और कमजोरियो के लिए देखा जाता है.
 त्रिशांश कुण्डली अथवा D-30 को स्वास्थ्य और दुर्घटनाओ के लिए देखा जाता है.
चतुर्विशांश कुण्डली अथवा D-24 को शिक्षा के लिए देखा जाता है. शिक्षा का स्तर कैसा होगा आदि बाते इस कुण्डली से सिद्ध होती हैं. जन्म कुण्डली में अगर सब ठीक है और यह कुण्डली कमजोर है तब शिक्षा में बाधा आ सकती है.
सप्तविशांश कुण्डली /D-27 को जीवन के बलाबल और कमजोरियो के लिए।

त्रिशांश कुण्डली /D-30 को स्वास्थ्य और दुर्घटनाओ के लिए देखा जाता है.
 चत्वारिशांश
Chatvarishansh /D-40 चार्ट से जीवन के सामान्य शुभ-अशुभ बातों को 
 अक्षवेदांश Akshvedansh /D-45 चार्ट से व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में और पैतृक संपत्ति के बारे 
 षष्टियाँश Shashtiyansh D-60 चार्ट से पूर्व जन्म के कर्म देखे जाते हैं.
 कुंडली विश्लेषण करने के लिए :वर्ग कुण्डली :सप्तांश: नवांश : दशमांश: द्वादशांश:षोडशांश :विशांश :   देखना 
चाहिये .(     Saptansh: Navansh :Dashmansh :Dwadshansh: Shodshansh :Vishansh Kundali )

No comments: